
नई दिल्ली
एशियन गेम्स 2026 में भारत और श्रीलंका के बीच क्रिकेट सेमीफाइनल के दौरान एक ऐसी चीज दिखी, जिसने भारतीय क्रिकेट फैन्स को कन्फ्यूज कर दिया. भारतीय टीम के स्कोरकार्ड पर खिलाड़ियों के ऐसे नाम नजर आए, जिन्हें देखकर पहली नजर में लगा कि शायद ब्रॉडकास्टर से बड़ी गलती हो गई है. सोशल मीडिया पर इस बात की भी चर्चा होने लगी कि आखिर ये खिलाड़ी कौन हैं?
भारत ने 1 अक्टूबर को सेमीफाइनल में मुकाबले में श्रीलंका को 124 रन से हराया. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 170 रन का टारगेट दिया. ईशान किशन ने 46 गेंदों पर 80 रनों की धुआंधार पारी खेली, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 38 रन बनाए.
लेकिन भारत की पारी के दौरान स्कोरकार्ड पर कुछ अलग ही नाम दिखाई दिए. वॉशिंगटन सुंदर की जगह 'W.S. Mani Sundar' और तिलक वर्मा की जगह 'T.T.V Namboori' लिखा नजर आया. देखते ही देखते स्कोरकार्ड की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और ब्रॉडकास्टर Sony Liv को लेकर सवाल उठने लगे. लेकिन कहानी में ट्विस्ट ये है कि ये नाम कोई गलती नहीं थे.
कौन हैं TTV Namboori और Mani Sundar?
वॉशिंगटन सुंदर के स्कोरकार्ड पर लिखे W.S. Mani Sundar में 'W.S.' उनके नाम Washington Sundar (वॉशिंगटन सुंदर) को दिखाता है, जबकि Mani Sundar (मणि सुंदर) उनके पिता का नाम है.
वहीं तिलक वर्मा का पूरा नाम Namboori Thakur Tilak Varma (नंबूरी ठाकुर तिलक वर्मा) है. इसी वजह से स्कोरकार्ड पर उनका नाम T.T.V Namboori नजर आया.यानी स्कोरकार्ड पर दिख रहे नाम खिलाड़ियों के आधिकारिक नामों से जुड़े हुए थे.
संजू सैमसन का नाम भी बदला
भारत की पारी खत्म होने से पहले एक और नाम ने फैन्स का ध्यान खींचा. स्कोरकार्ड पर संजू सैमसन की जगह S. Vishwanadh (एस. विश्वनाथ) लिखा दिखाई दिया.
दरअसल, विश्वनाथ संजू सैमसन का वास्तविक मिडिल नेम है. संजू का जन्म तिरुवनंतपुरम में हुआ है और स्कोरकार्ड पर उनके नाम का यही हिस्सा इस्तेमाल किया गया.|
एशियन गेम्स में पूरे नाम क्यों दिखे?
दरअसल, एशियन गेम्स जैसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में खिलाड़ियों के नाम दर्ज करने का प्रोसेस सामान्य क्रिकेट सीरीज से अलग होती है. यह कोई ब्रॉडकास्टिंग ब्लंडर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के स्टैंडर्डाइज्ड रजिस्ट्रेशन का हिस्सा है.
ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) की प्रक्रियाओं के तहत खिलाड़ियों की जानकारी आम तौर पर उनके आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड नामों के आधार पर दर्ज की जाती है. इनमें अक्सर पासपोर्ट और एक्रेडिटेशन के दौरान दिए गए नाम शामिल होते हैं.
ये जानकारी एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में दर्ज होती है, जिसका इस्तेमाल इवेंट के संचालन से लेकर ब्रॉडकास्टिंग तक में किया जाता है.
वहीं ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) का नियम क्या कहता है तो वो भी जान लीजिए
हर देश की ओलंपिक कमिटी (NOC) को एथलीट्स और अधिकारियों के नाम के साथ एंट्री फॉर्म जमा करना होता है.
ये फॉर्म खेलों के उद्घाटन समारोह से कम से कम 60 दिन पहले जमा करना जरूरी है.
फॉर्म खास तरह का होता है (जो आयोजन समिति देती है) और उसे दो कॉपी में टाइप करके या प्रिंट करके देना होता है.
अगर कोई देश इस 60 दिन की समय सीमा में बदलाव चाहे, तो उसे OCA की लिखित इजाजत लेनी पड़ेगी.
बाइलैटरल क्रिकेट सीरीज में खिलाड़ियों को आमतौर पर उनके लोकप्रिय या क्रिकेट की दुनिया में इस्तेमाल होने वाले नाम से पहचाना जाता है. लेकिन एशियन गेम्स जैसे मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों के लिए एक समान नामकरण व्यवस्था रखी जाती है. इसी वजह से टीवी ग्राफिक्स, डिजिटल स्कोरबोर्ड और आधिकारिक रिपोर्ट में भारतीय क्रिकेटर्स के ये 'अलग' नाम दिखाई दिए. महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का नाम भी इसी वजह से हरमनप्रीत कौर भुल्लर स्कोरकार्ड पर दिखाई दिया. वहीं अन्य एथलीट के भी पूरे नाम प्रसारण के दौरान दिखे.



