
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से शहरी स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत सरकार ने स्वच्छता अवसंरचना के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण को तेज किया है। इसका असर आंकड़ों में भी साफ दिखाई देता है। जहां 2017-18 तक प्रदेश में योजना के तहत नगरों में सिर्फ 3.10 लाख के करीब व्यक्तिगत घरेलू शौचालय ही निर्मित थे, वहीं योगी सरकार में अभियान को मिली रफ्तार से यह संख्या 9 लाख के पार पहुंच गई है।
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 तक प्रदेश में 3,09,924 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) बने थे। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। वर्ष 2018-19 तक शौचालयों की संख्या बढ़कर 7,58,949 हो गई थी। प्रदेश में अब तक 9,00,113 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बन चुके हैं। इस तरह वर्ष 2017-18 के बाद करीब 5.90 लाख अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण किया गया है। इससे बड़ी संख्या में शहरी परिवारों को घर में ही सुरक्षित और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध हुई है।
सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं का भी विस्तार
सरकार ने घरेलू शौचालयों के साथ सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं को भी मजबूत किया है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय 1.0 के तहत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय तथा यूरिनल ब्लॉक्स का भी निर्माण कराया गया है। इनके जरिए 70 हजार से अधिक शौचालय सीटें तैयार की गई हैं। इस तरह बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, व्यावसायिक क्षेत्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इन सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों को आसानी से स्वच्छता सुविधाएं मिल रही हैं।
स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के अगले चरण में भी सार्वजनिक स्वच्छता अवसंरचना के विस्तार पर जोर जारी है। वर्ष 2024-25 से अबतक 2623 सार्वजनिक शौचालय सीटों तथा 1104 यूरिनल सीटों का निर्माण किया गया है। इस प्रकार इस अवधि में कुल 3727 अतिरिक्त सार्वजनिक स्वच्छता जोड़ी गई है।
घरेलू शौचालयों से मजबूत हुआ शहरी स्वच्छता ढांचा
घरेलू शौचालयों से लेकर सार्वजनिक स्वच्छता ढांचे तक हुए इस विस्तार को प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने बताया कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के माध्यम से व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराना है।



