
भोपाल
मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषम गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम पलटी मारता नजर आ रहा है। राज्य में मौसम का मिला जुला असर देखने को मिलेगा, क्योंकि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के अलग-अलग हालात बन रहे हैं। एक तरफ जहां कुछ जिले लू की चपेट में हैं तो वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर बादल और बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
एक तरफ जहां रविवार को प्रदेश के टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस बदलते मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है, क्योंकि यहां अबतक तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है।
इन जिलों में बारिश की संभावना
अप्रैल में दूसरी बार बारिश जैसे हालात बनने की संभावना है। इससे पहले महीने की शुरुआत में पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिल चुका है। अब करीब 10 दिन बाद एक बार फिर मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने की उम्मीद है। इनमें बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, पाढ़ूर्णा और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। ऐसे में संबंधित जिलों के वासियों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
रतलाम रहा सबसे गर्म
वहीं, बीते 24 घंटों के मौसम पर गौर करें तो सबसे ज्यादा गर्मी रतलाम में पड़ी। यहां सीजन का सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। ये प्रदेश में इस साल पहली बार है, जब पारा 44 डिग्री पर पहुंचा है। इसके बाद उमरिया में 43.8 डिग्री, मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इन जिलों को भीषण गर्मी वाले जिले कहा जा सकता है।
इन जिलों में भी पारा 40 पार
वहीं, अन्य जिलों की बात करें तो छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 42.9 डिग्री सेलिसियस रिकॉर्ड हुआ, इसके अलावा गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह-नौगांव में 42.5 डिग्री और टीकमगढ़-सतना में 42.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया।
क्यों बदल रहा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अप्रैल और मई साल के सबसे गर्म महीने होते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार बार-बार मौसम सिस्टम सक्रिय होने से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
तेज गर्मी में बरतें सावधानी
-दिनभर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
-दोपहर की तेज धूप से बचें
-हल्के और सूती कपड़े पहनें
-बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें



