जिस मंत्री के जवाब से नाराज थीं मैथिली ठाकुर, सम्राट कैबिनेट से पत्ता साफ

पटना 

बिहार में सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्तार हो गया है. नीतीश कुमार के बेटे सहित 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है. बीजेपी कोटे से 15 मंत्री बनाए गए हैं तो जेडीयू से 13 मंत्री बने हैं. इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी से दो, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक मंत्री बने हैं। 

सम्राट सरकार में ज्यादातर नीतीश कैबिनेट में रहने वाले मंत्रियों को ही जगह मिली है. ऐसे में बीजेपी के एक ऐसे दिग्गज मंत्री का पत्ता सम्राट कैबिनेट से कट गया है, उनका नाम मंगल पांडेय है. बीजेपी ने तीन पुराने मंत्रियों को सम्राट सरकार में जगह नहीं दी है। 

मंगल पांडेय सीवान से विधायक हैं और बीजेपी के दिग्गज नेता हैं. नीतीश कुमार की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं. इसी साल फरवरी में बजट सत्र के दौरान मशहूर लोक गायिका और बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया था. इस पर स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा दिए जवाब से संतुष्ट नहीं थी और उसी मंत्री मंगल पांडेय का पत्ता कट गया है। 

मंगल पांडेय का मंत्री पद से पत्ता कटा
बिहार बीजेपी के दिग्गज नेता मंगल पांडेय को सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार में जगह नहीं मिल सकी. बीजेपी ने उन्हें इस बार मंत्री नहीं बनाया है जबकि इससे पहले वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री जैसा विभाग संभाल रहे थे. मंगल पांडेय 2017 से लेकर 2022 तक स्वास्थ्य मंत्री रहे. तब मंगल पांडेय को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था।  

मंगल पांडेय 2024 से लेकर 2025 तक दूसरी बार मंत्री बने. इस बार स्वास्थ्य मंत्री और कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. साल 2025 में जब एनडीए की सरकार बनी तो फिर से मंत्री बने और उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा मिला, लेकिन सम्राट चौधरी के अगुवाई वाले मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। 

स्वास्थ्य मंत्री से मैथिली ठाकुर ने किया सवाल
2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर बीजेपी से विधायक चुनी गई. मैथिली ठाकुर ने बजट सत्र के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र में अस्पताल की इमारत की हालत का मुद्दा उठाया था और कहा था कि यह इतनी जर्जर है कि एक बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है.उन्होंने कहा था कि छत से प्लास्टर लगातार गिर रहा है, दीवारों में गहरी दरारें हैं और बरसात के मौसम में वार्डों में पानी रिसता है, जो लोगों की जिंदगी लिए सीधा खतरा है। 

मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाया था कि बिहार सरकार द्वारा हर साल स्वास्थ्य बजट बढ़ाने के बाद अस्पतालों की इमारतें इतनी खराब हालत में क्यों हैं? उन्होंने कहा Le कि डॉक्टरों और दवाओं की कमी एक समस्या है,लेकिन इससे भी बड़ा खतरा जर्जर इमारतें हैं, जो कभी भी गिर सकती हैं. क्या सरकार नए भवनों के निर्माण से पहले किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रही है। 

मंगल पांडेय के जवाब से संतुष्ट नहीं मैथिली
बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के सवालों का जवाब देते हुए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा था कि राज्य सरकार अस्पतालों की इमारतों को लेकर गंभीर है. कई अस्पतालों के लिए नई बिल्डिंग को मंजूरी दे दी गई है और कुछ जगह पर काम जारी है. हालांकि, मंत्री के जवाब से मैथिली ठाकुर संतुष्ट नहीं हुईं। 

उन्होंने सदन में ही तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उनके इलाके का अस्पताल कई सालों से लिस्ट में है, लेकिन आज तक न मरम्मत का काम शुरू हुआ है और न ही नई इमारत बनी है. उन्होंने कहा था कि कागजों पर जो 'सब ठीक' बताया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके ठीक उलट है। 

मैथिली ठाकुर ने कहा था कि हर साल सिर्फ योजना बनाने और मंजूरी देने की बात होती है, लेकिन जमीनी हकीकत वही रहती है. उन्होंने यह भी कहा कि मरीज और उनके परिवार डर के साये में इलाज कराने के लिए मजबूर हैं. मैथिली ठाकुर के बार-बार पूछे गए सवालों के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया था. तीन महीने के बाद ही बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ और सम्राट चौधरी के अगुवाई में कैबिनेट गठन किया तो मंगल पांडेय को जगह नहीं मिली। 

बिहार में तीन पुराने मंत्रियों का पत्ता कटा
नीतीश कुमार के अगुवाई वाली सरकार में जितने भी मंत्री थे, उनमें से तीन मंत्री को छोड़कर बाकी मंत्रियों को सम्राट कैबिनेट में जगह मिल गई है. सम्राट कैबिनेट में मंगल पांडे को जगह नहीं मिली. इसके अलावा नारायण प्रसाद और सुरेंद्र मेहता को भी जगह नहीं मिली. नीतीश सरकार में नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्री थे और इससे पहले पर्यटन मंत्री रह चुके हैं. सुरेंद्र मेहता पूर्व की नीतीश सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री थे, लेकिन इस बार उन्हें कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। 

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