श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान चर्चा में, कप्तानी मिलते ही दिखाई अलग पहचान बनाने की चाह

 मुंबई

भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. श्रेयस ने कहा है कि वह कप्तानी की चुनौती का स्वागत करते हैं, लेकिन इसके लिए अपनी पहचान नहीं बदलेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह किसी की परछाई बनकर टीम का नेतृत्व नहीं करना चाहते, बल्कि अपने अंदाज में टीम इंडिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं। 

मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की कमान संभालना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है, लेकिन वह खुद को बदलने में विश्वास नहीं रखते. अय्यर ने कहा, 'मुझे कप्तान की जिम्मेदारी मिली है और यह मेरे लिए एक शानदार चुनौती है. लेकिन इसके लिए मुझे अपने व्यक्तित्व में बदलाव की जरूरत नहीं है. मैं वही इंसान रहूंगा जो पहले था. मैं किसी और जैसा बनने की कोशिश नहीं करूंगा और न ही किसी की परछाई में रहना चाहता हूं। 

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय क्रिकेट में कप्तानों की तुलना अक्सर उनके पूर्ववर्तियों से की जाती है, ऐसे में अय्यर ने साफ संकेत दिया है कि वह अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं. श्रेयस अय्यर का सफर आसान नहीं रहा है. दिसंबर 2023 में आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे, टी20 विश्व कप और एशिया कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भी उन्हें मौका नहीं मिला. जब चयनकर्ता दूसरी दिशाओं में देख रहे थे, तब अय्यर ने मैदान पर जवाब दिया. घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाए और आईपीएल में अपनी कप्तानी से सभी को प्रभावित किया। 

कप्तानी में जलवा दिखा चुके श्रेयस
श्रेयस अय्यर की वापसी की सबसे बड़ी वजह उनका शानदार आईपीएल रिकॉर्ड रहा. उन्होंने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चैम्पियन बनाया. इसके बाद 2025 में पंजाब किंग्स (PBKS) को फाइनल तक पहुंचाया और 2026 में भी अपने नेतृत्व कौशल का शानदार प्रदर्शन किया. एक कप्तान के रूप में उनकी सबसे बड़ी ताकत दबाव में शांत रहना और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाना मानी जाती है. यही गुण उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी तक लेकर आए। 
दिलचस्प बात यह है कि गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर की जोड़ी एक बार फिर साथ काम करेगी. आईपीएल 2024 में दोनों ने कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि उस समय टीम की सफलता का बड़ा श्रेय गंभीर को मिला, जबकि अय्यर की कप्तानी को उतनी चर्चा नहीं मिली. अब दोनों भारतीय टीम में कोच और कप्तान की भूमिका में साथ होंगे. यही वजह है कि अय्यर का 'किसी की परछाई में नहीं रहना चाहता' वाला बयान काफी चर्चा में है. इसे उनकी स्वतंत्र सोच और अपनी पहचान बनाने की इच्छा के रूप में देखा जा रहा है। 

भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) अब अगले टी20 विश्व कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 को ध्यान में रखकर नई टीम तैयार कर रहा है. सूर्यकुमार यादव के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को सौंपना इसी बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है. श्रेयस के सामने सिर्फ मैच जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि एक ऐसी टीम तैयार करने की जिम्मेदारी भी होगी जो आने वाले वर्षों में भारत को आईसीसी ट्रॉफियां दिला सके। 

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