सम्राट चौधरी ने AI समिट से दिया सियासी संदेश, गंगा एक्सप्रेसवे पर 19 हजार करोड़ खर्च होंगे

पटना.

मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राजधानी पटना में आयोजित एआई समिट में बिहार के विकास, तकनीक, कानून-व्यवस्था और शिक्षा को लेकर बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि आने वाला दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है और बिहार की अर्थव्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्था, पुलिसिंग तथा उद्योग विकास में इसकी बड़ी भूमिका होने वाली है।

ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में हजारों सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और एआई तकनीक की मदद से अपराधियों तक बेहद तेजी से पहुंचा जा सकता है।

हरे गमछे पर सीएम का तंज 
उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सिस्टम को किसी हरे गमछे वाले व्यक्ति को खोजने का निर्देश दिया जाए तो एआई तुरंत उसे ट्रैक कर सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा किसी विशेष व्यक्ति की ओर नहीं था।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश देते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता। पुलिस को पूरी छूट दी गई है। और यदि कोई अपराधी पुलिस या प्रशासन को चुनौती देता है तो 48 घंटे के भीतर जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'रूल ऑफ लॉ' स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

AI से प्रशासन और टेंडर सिस्टम में बचत
सम्राट चौधरी ने कहा कि एआई का इस्तेमाल केवल पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न विभागों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि टेंडरों की दोबारा जांच में एआई के इस्तेमाल से सरकार के काफी पैसे बचे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि “सहयोग पोर्टल” पर ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए। जहां बिहार या देश-दुनिया में रहने वाले लोग मगध और बिहार की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दे सकें।

बिहार लौटें या बाहर रहकर करें योगदान
मुख्यमंत्री ने युवाओं और प्रवासी बिहारियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि जो लोग बाहर या विदेश में बेहतर काम कर रहे हैं, वे वहीं रहकर भी अपनी जन्मभूमि का कर्ज चुका सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरी के लिए पलायन करने वालों की चिंता करेगी, लेकिन जो लोग सफलता हासिल कर चुके हैं, वे बिहार के विकास में योगदान दें।

गंगा एक्सप्रेसवे, IT हब और 20 हजार मेगावाट बिजली का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सिर्फ उद्योग लगाना ही उद्देश्य नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राज्य का राजस्व 60 हजार करोड़ रुपये है, जिसे बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी है। उन्होंने घोषणा की कि पटना का मरीन ड्राइव अभी 21 किलोमीटर लंबा है, लेकिन अब करीब 125 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की परियोजना होगी और पीपीपी मॉडल पर अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में आईटी हब, डेटा सेंटर और पावर सेक्टर में बड़े निवेश आ रहे हैं। राज्य अभी 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहा है और अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य तय किया गया है।

मॉडल स्कूल, कोचिंग और नई यूनिवर्सिटी का ऐलान
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े बदलावों का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 534 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। पटना में 10 मॉडल स्कूल, जबकि गया, बिहारशरीफ, पूर्णिया, दरभंगा और भागलपुर जैसे नगर निगम क्षेत्रों में पांच-पांच मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली बच्चों के लिए कोचिंग व्यवस्था भी विकसित करेगी और 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। आने वाले समय में बिहार में फिजिक्स, मैथेमेटिक्स और आर्किटेक्चर जैसी विशेष यूनिवर्सिटी स्थापित करने की भी योजना है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के युवाओं के पास नई तकनीक और नई सोच है, इसलिए अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी प्रशासन और राजनीति को भी आधुनिक सोच सिखाए। उन्होंने कहा कि “एआई के माध्यम से बिहार को बदलने का रास्ता तैयार करना है।”

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