फू कुओक नाव हादसा, मोबाइल कंपनी के कर्मचारी और पार्टनर्स ने गंवाई जान

नई दिल्ली
वियतनाम के फू कुओक द्वीप पर शनिवार को भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट समुद्र में पलट गई. इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई. अब खुलासा हुआ है कि ये सभी लोग कंपनी ट्रिप पर गए थे. ये लोग एक स्मार्टफोन बनाने वाली भारतीय कंपनी के कर्मचारी और चैनल पार्टनर्स थे.

दरअसल कंपनी ने अपने डीलर्स और वितरकों के लिए इस 'रिवॉर्ड ट्रिप' का आयोजन किया था. कंपनी ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि जान गंवाने वालों में 14 चैनल पार्टनर्स और एक कंपनी का कर्मचारी शामिल है. ये सभी लोग तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरलम के रहने वाले थे.

मोबाइल कंपनी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. कंपनी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पीड़ित परिवारों की मदद करना और शवों को जल्द से जल्द भारत लाना है.

आखिरी वीडियो कॉल और वो दर्दनाक मंजर
इस हादसे में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के रहने वाले शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद (54) की भी मौत हो गई. वो मोबाइल कंपनी के चैनल पार्टनर थे. उनके परिजनों ने बताया कि नाव पर सवार होने से कुछ समय पहले ही अब्दुल्ला ने अपनी पत्नी, बेटे और पोती से वीडियो कॉल पर बात की थी. उन्होंने कहा था कि वो एक ऐसे द्वीप पर जा रहे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं रहेगा और लौटकर दोबारा फोन करेंगे. लेकिन वो उनकी आखिरी बात बन गई.

हादसे में बचे तमिलनाडु के पलानी निवासी निर्मल कुमार ने बताया कि समुद्र की ऊंची लहरों और ओवरलोडिंग के कारण स्पीडबोट महज कुछ सेकेंड में पलट गई. वहीं, आंध्र प्रदेश के गुंटूर के मोबाइल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर आशीष कुमार ने बताया, 'दोपहर करीब 1:30 बजे नाव होन मे रुत नगोई द्वीप से कुछ ही मीटर आगे बढ़ी थी. हम सब तस्वीरें ले रहे थे कि अचानक नाव एक तरफ झुक गई और पलट गई. हर तरफ चीख-पुकार मच गई.'

शवों को भारत लाने की कोशिश में जुटी सरकार
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई मुख्यमंत्रियों ने शोक जताया है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की सरकारें केंद्र सरकार के साथ मिलकर शवों को वापस लाने की कोशिशों में जुटी हैं. वहीं वियतनाम प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है.

हैनोई में भारतीय दूतावास के मुताबिक, नाव पर कुल 36 लोग सवार थे. इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार स्थानीय क्रू मेंबर शामिल थे. हादसे के बाद 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 15 भारतीयों की जान चली गई. मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु के, 3 आंध्र प्रदेश के और 2 केरलम के रहने वाले हैं.

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