एनडीए मतलब नौकरी देंगे अलायंस, पहले था प्रदेश डुबाओ अलायंस: मुख्यमंत्री योगी

 लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नौकरियों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश डुबाओ अलायंस था, अब एनडीए यानी नौकरी देंगे अलायंस की सरकार है। पहले नियुक्तियों पर एक परिवार का कब्जा था। नौकरी के लिए दो ही रास्ते थे, सैफई या सिफारिश। अब किसी की सिफारिश नहीं, केवल प्रतिभा और परिश्रम चलता है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान मर्डर से होती थी, अब खिलाड़ियों के मेडल से हो रही है।
 
मुख्यमंत्री योगी लोक भवन में पुलिस के कुशल खिलाड़ी कोटे से चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद संबोधित कर रहे थे। इनमें नागरिक पुलिस के 43 उपनिरीक्षक, 295 आरक्षी और पीएसी के 132 आरक्षी शामिल हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या भर्ती में किसी ने पैसे मांगे या सिफारिश करानी पड़ी। कहा कि यह नियुक्ति न सरकार की कृपा है, न उनकी अनुकंपा। यह खिलाड़ियों के पसीने और परिश्रम का परिणाम है।
 
सपा की नियुक्तियों पर मगरमच्छ वाली टिप्पणी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में 10 लाख गुंडे पाले थे। वे बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा थे, दंगे कराते थे और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे। उनकी सरकार ने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि सपा आज युवाओं की नियुक्ति की बात करती है तो ऐसा लगता है, जैसे पानी में बैठा मगरमच्छ शांति का उपदेश दे रहा हो। पहले खनन, भर्ती और रिवर फ्रंट घोटालों की चर्चा होती थी। अब प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
 
प्रमोशन रोकने वाले को ही टाल देंगे
मुख्यमंत्री योगी ने खिलाड़ियों से कहा कि नियुक्ति अंतिम मंजिल नहीं, नए जीवन की शुरुआत है। नियमित अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन से पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। प्रमोशन कोई टाल नहीं सकता और जो टालेगा, उसे ही टाल देंगे। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मंच से प्रशंसा करने पर नहीं मिलेगा। इसके लिए पसीना बहाना होगा। खिलाड़ियों से दिल खोलकर खेलने और नए रिकॉर्ड बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने नौकरी की चिंता न करने को कहा।
 
शराब और सपा से सावधान रहने की सलाह
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवाओं को दो चीजों से सावधान रहना चाहिए। पहली शराब और दूसरी सपा। दोनों ने प्रदेश को बर्बाद किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी नशे के खिलाफ अभियान के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। खिलाड़ियों का हाथ पोडियम पर होना चाहिए, पुड़िया पर नहीं। युवाओं के रील देखने में समय गंवाने पर कहा कि रील में लाइक्स मिलते हैं, लेकिन खेल के मैदान में लाइफ मिलती है।
 
हर खिलाड़ी को एक गांव से जोड़ने का सुझाव
मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस महानिदेशक को सुझाव दिया कि पुलिस में भर्ती कुशल खिलाड़ियों को एक-एक गांव गोद दिया जाए। वे सप्ताह में कम से कम एक दिन वहां खेल गतिविधियां संचालित करें। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों के गांव जाने की व्यवस्था की तरह खिलाड़ियों को भी गांवों से जोड़ा जाए। उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास जारी रखने और वर्दी में भी अनुशासन, टीमवर्क तथा न्याय के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सीख दी।
 
सात पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी की नौकरी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का नियम नहीं था। अब ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के सात पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी बनाया जा चुका है। इनमें हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल शामिल हैं। खिलाड़ियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक प्रोत्साहन राशि दी गई है। करीब एक हजार खिलाड़ियों को पहले नियुक्ति मिल चुकी है और 555 अन्य की चयन प्रक्रिया चल रही है।
 
हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि भू-माफिया से 64 हजार हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई। गांवों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और बड़े स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विशेष के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय भी शुरू हो चुका है। उन्होंने खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और यूपी की ग्रामीण खेल लीग का उल्लेख किया।
 
खेल अभी जारी है: केशव प्रसाद मौर्य
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नियुक्ति मिलने से खिलाड़ियों का खेल समाप्त नहीं हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त थी। आज बेहतर कानून व्यवस्था की देशभर में चर्चा है। पहले खिलाड़ियों को अपेक्षित अवसर नहीं मिलते थे। अब पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर हैं।
 
पुरस्कार राशि ढाई गुने से अधिक बढ़ी: गिरीश यादव
खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि ढाई गुने से अधिक बढ़ाई है। खेल नीति-2023 लागू करने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने का निर्णय हुआ है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है और लोकार्पण होना है।
 
खिलाड़ियों को 513 आउट ऑफ टर्न पदोन्नतियां: डीजीपी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 950 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती हो चुकी है। निरीक्षक और दलनायक पद पर 14, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर पद पर 59 तथा मुख्य आरक्षी पद पर 440 आउट ऑफ टर्न पदोन्नतियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि खेल से मिला अनुशासन और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता पुलिस सेवा में उपयोगी होगी।
 
लघु फिल्म में दिखा गुड़िया का संघर्ष
कार्यक्रम में खिलाड़ियों के संघर्ष पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। इसमें भदोही के छेछुआ गांव की गुड़िया की कहानी भी थी, जिन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में राष्ट्रीय पदक जीता है। नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों ने खाकी पहनकर जनसेवा का संकल्प जताया।
 
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, भर्ती बोर्ड के डीजी एसबी शिरोडकर, पीएसी के डीजी आलोक सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी और खिलाड़ियों के अभिभावक मौजूद रहे

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