बच्चियों के यौन शोषण और अश्लील वीडियो बनाने के दोषी को 40 साल की सजा

मोहाली.

दो नाबालिग बच्चियों का यौन शोषण करने, उनकी अश्लील फोटो और वीडियो बनाने और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें चुप रहने के लिए मजबूर करने वाला 40 साल जेल में सड़ेगा। अतिरिक्त जिला एवं विशेष न्यायाधीश की अदालत ने उत्तर प्रदेश निवासी देव राज मौर्य को पाक्सो एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में दोषी करार देते हुए कुल 40 वर्ष कठोर कारावास और 1.10 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है।

अदालत ने दोनों मामलों में पाॅक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत 20-20 वर्ष की सजा सुनाई। पहले मामले में आईटी एक्ट की धारा 67-बी के तहत 5 वर्ष की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना, जबकि बीएनएस की धारा 351(2) के तहत एक वर्ष की सजा सुनाई गई। दूसरे मामले में भी पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत 20 वर्ष की कठोर कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों मामलों में सरकारी पक्ष की ओर से उप जिला अटार्नी हरदीप सिंह रोमाणा ने प्रभावी पैरवी की।

स्कूल आते-जाते बच्ची को बहाने से कमरे में ले जाता था
पहला मामला मुल्लांपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता की शिकायत के अनुसार उनकी 11 वर्षीय बेटी पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। आरोपित उनके पड़ोस में रहता था। आरोपित बच्ची को स्कूल आते-जाते समय खाने-पीने की चीजों का लालच देकर अपने कमरे में ले जाता था। कमरे में वह बच्ची की साथ अश्लील हरकतें करता था। यही नहीं आरोपित बच्ची को धमकाकर यौन शोषण करता रहा ओर उसकी अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। वह पीड़िता को उसके परिवार की मारने की धमकी देता था और किसी से भी घटना के बारे में न बताने को लेकर बोलता था, जिससे मजबूर होकर बच्ची चुप रहती थी।

जांच में खुला दूसरे पीड़ित बच्चों से जुड़े शोषण का मामला
दूसरे मामले में करीब साढ़े सात वर्ष की बच्ची के पिता ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि आरोपित उनकी बेटी को रुपये और खाने-पीने की चीजों का लालच देकर अपने कमरे में बुला लेता था। वहां वह बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करता और उसे किसी से कुछ न बताने के लिए डराता-धमकाता था। पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि आरोपित ने एक अन्य नाबालिग बच्ची को भी अपना शिकार बनाया था। इतना ही नहीं, वह एक बच्ची के चौथी कक्षा में पढ़ने वाले भाई को भी बहाने से अपने कमरे में ले जाता था। वहां बच्चों की अश्लील फोटो और वीडियो बनाने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

मोबाइल से मिले अश्लील फोटो-वीडियो बने मजबूत साक्ष्य
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में नाबालिग बच्चों से संबंधित अश्लील फोटो और वीडियो मिले, जिन्हें अभियोजन पक्ष ने अदालत में इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य के रूप में पेश किया। अन्य गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ इन सबूतों को विश्वसनीय मानते हुए अदालत ने आरोपित को दोनों मामलों में दोषी ठहराया और कुल 40 वर्ष की सजा के साथ 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button