MP को सेमीकंडक्टर की बड़ी सौगात: उज्जैन में 55 एकड़ में बनेगी चिप यूनिट, 7 हजार को रोजगार

उज्जैन 

मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाली यूनिट उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में स्थापित होने की तैयारी है। पारस डिफेंस कंपनी ने यूनिट के लिए एमपीआईडीसी से करीब 55 एकड़ जमीन मांगी है। जमीन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भूमि पूजन की तैयारी है।

एमपीआईडीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश राठौर ने बताया कि कंपनी उज्जैन में करीब 6,200 करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है। इसके लिए जमीन की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी के अधिकारी उज्जैन आकर प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण भी कर चुके हैं।

यूनिट शुरू होने के बाद यहां से सेमीकंडक्टर चिप का निर्माण किया जाएगा। इससे उज्जैन प्रदेश में सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। चिप की जरूरत वाली देश-विदेश की कंपनियों के लिए भी उज्जैन एक अहम सप्लाई हब के रूप में विकसित होने की संभावना है।

प्रस्तावित यूनिट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 7 हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। इससे उज्जैन में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े नए उद्योगों के आने की संभावना भी बढ़ेगी।

आधुनिक तकनीक की रीढ़ है सेमीकंडक्टर चिप और मध्य प्रदेश की रणनीतिक स्थिति
आज मोबाइल, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, रक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे हर आधुनिक क्षेत्र में सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल अनिवार्य हो गया है। वैश्विक चिप संकट से सीख लेते हुए भारत ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' की शुरुआत की है, जिसमें मध्य प्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर सकता है। राज्य के पास दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बेहतर रेल-सड़क नेटवर्क, पर्याप्त बिजली-पानी तथा सस्ती औद्योगिक भूमि जैसे कई अनुकूल कारक मौजूद हैं। सरकार की योजना एक माह के भीतर भूमि आवंटन और सभी अनुमतियां प्रदान करने की है।

भोपाल या इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर डायलॉग का आयोजन और पहला बड़ा निवेश
राज्य सरकार भोपाल अथवा इंदौर में 'ग्लोबल सेमीकंडक्टर इन्वेस्टमेंट डायलॉग' आयोजित करने जा रही है, जिसमें अमेरिका, जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसी तकनीकी दिग्गजों को आमंत्रित किया जाएगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन के अनुसार, इस सम्मेलन में निवेशकों को राज्य की नीतियों और वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी दी जाएगी। मध्य प्रदेश की इस योजना को पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा 4,200 करोड़ रुपये के निवेश से ओएसएटी (OSAT) इकाई स्थापित करने के एमओयू से बड़ा समर्थन मिला है।

कुशल मानव संसाधन तैयार करने की चुनौती और सिंगल विंडो क्लीयरेंस
सेमीकंडक्टर उद्योग की आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी संस्थानों के समन्वय से युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर रही है। इसके साथ ही, निवेशकों को विभिन्न दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत पर्यावरण, अग्नि सुरक्षा और अन्य अनुमतियां निश्चित समय सीमा के भीतर दी जाएंगी, ताकि विनिर्माण प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू हो सके।

रोजगार सृजन और राज्य की अर्थव्यवस्था पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास से राज्य में केवल चिप निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, अनुसंधान, और स्थानीय स्टार्टअप्स को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष और लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। गुजरात, असम और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यदि मध्य प्रदेश की यह योजना समय पर धरातल पर उतरती है, तो राज्य ऑटोमोबाइल और फार्मा के साथ-साथ हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स का भी एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बन जाएगा।

स्किल्ड मैनपावर सबसे बड़ी चुनौती
सेमीकंडक्टर उद्योग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता को माना जा रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ऐसी एजेंसियों से संपर्क कर रही है, जिनके पास पहले से प्रशिक्षित युवाओं की टीम उपलब्ध हो। इससे निवेश करने वाली कंपनियों को अपनी जरूरत के मुताबिक तैयार मानव संसाधन मिल सकेगा।

एक माह में जमीन और जरूरी अनुमतियां देने की तैयारी
सरकार निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी काम कर रही है। कोशिश है कि निवेशकों को इकाई स्थापित करने के लिए एक महीने के भीतर जमीन आवंटन और जरूरी अनुमतियां मिल जाएं। निवेश प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग पर्यावरण और फायर सेफ्टी जैसी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया पहले से पूरी रखने की दिशा में काम करेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि निवेशक प्रदेश में पहुंचने के बाद बिना अनावश्यक इंतजार के अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर सकें। नीति के प्रावधानों के अनुसार पात्र औद्योगिक इकाइयों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा।

पारस डिफेंस का 6200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्य प्रदेश को मिल रहे निवेश प्रस्तावों में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस लिमिटेड का प्रस्ताव अहम है। कंपनी ने प्रदेश में 6,200 करोड़ रुपये के निवेश से विश्वस्तरीय ओएसएटी (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

 

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