दीपावली से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 250 से अधिक पटाखों के कर्टन जब्त

टोंक
दीपावली से पहले पुलिस ने अवैध पटाखों के भंडारण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए देवली शहर के रीको एरिया और पनवाड़ मोड़ सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने गोदामों और दुकान से विभिन्न ब्रांडों के पटाखों से भरे 250 से अधिक कर्टन जब्त किए है। जब्त सामग्री की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देश पर डीएसटी टोंक के प्रभारी ओमप्रकाश और देवली थानाधिकारी प्रीति रत्नू के नेतृत्व में संयुक्त टीमों ने बुधवार रात कार्रवाई की। जांच के दौरान देवली के रीको एरिया, पनवाड़ मोड़ और शहर में आरोपी रोहित जैन के गोदामों, किराए के गोदाम तथा दुकान पर पटाखों का भंडारण मिला। पुलिस ने मौके से 250 से अधिक कर्टन जब्त किए।

पुलिस टीम ने पकड़ा पटाखों का भंडारण। फोटो: पत्रिका
दीपावली के मद्देनजर पटाखों की मांग बढ़ने के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण मिलने के बाद पुलिस संबंधित नियमों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। हालांकि, पटाखों के भंडारण को लेकर लाइसेंस या अन्य अनियमितताओं के संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस जांच में जुटी हुई है।

डीएसटी और देवली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
कार्रवाई में डीएसटी टोंक की टीम से उपनिरीक्षक ओमप्रकाश, सहायक उपनिरीक्षक शरीफ मोहम्मद, हेड कांस्टेबल हंसराज तथा कांस्टेबल राजेश, राधाकिशन, राधामोहन, रुकमकेश, प्रधान, विक्रान्त और शिवपाल शामिल रहे। वहीं, देवली थाना पुलिस की टीम में निरीक्षक प्रीति रत्नू, उपनिरीक्षक महावीर, सहायक उपनिरीक्षक गोपाल सिंह, भारत सिंह, सत्यनारायण तथा कांस्टेबल मनीष, रामकिशन, धारासिंह, रामसिंह, मुकेश और कांस्टेबल चालक प्रभुलाल शामिल रहे। दीपावली से पहले की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अवैध पटाखों के भंडारण और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

विस्फोटक अधिनियम में मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में रोहित जैन (40) पुत्र राकेश निवासी ज्योति कॉलोनी थाना हनुमाननगर जिला भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धारा 5 और 9बी के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखों का भंडारण किन परिस्थितियों में किया गया था और इस मामले से जुड़े अन्य पहलू क्या हैं।

 

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