
चंडीगढ़.
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बूथ लेवल अधिकारी की जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने जीएमएचएस-32 में तैनात टीजीटी (हिंदी) अध्यापिका अमृत पाल कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वह सेक्टर-41डी के भाग संख्या 324 (पूर्व भाग संख्या 350) की बीएलओ थीं। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, अमृत पाल कौर पर मतदाताओं और चुनाव अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं करने तथा निर्वाचन कार्य से संबंधित गणना प्रपत्र एकत्र करने से जानबूझकर इन्कार करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने मतदाताओं को बीएलओ के माध्यम से फॉर्म जमा कराने के बजाय सीधे चुनाव कार्यालय में जमा कराने के लिए कहा। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एक अनधिकृत संचार समूह बनाकर अन्य बीएलओ के बीच भ्रामक जानकारी प्रसारित की, जिससे चल रहे एसआईआर कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इसके अलावा अपनी बीएलओ ड्यूटी से बचने के उद्देश्य से मतदाता सूची से अपना नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा करने की बात भी सामने आई है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई
निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक बीएलओ चुनाव आयोग और मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में एस आई आर जैसे महत्वपूर्ण चुनावी कार्य के दौरान निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन नहीं करना गंभीर मामला माना गया। अधिकारियों ने उनके आचरण को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कर्तव्य में लापरवाही के रूप में माना है।
शिक्षा विभाग को विभागीय जांच के निर्देश
निलंबन आदेश की प्रतियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी, चंडीगढ़ प्रशासन, स्कूल शिक्षा निदेशक तथा संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को भेजी गई हैं। स्कूल शिक्षा निदेशालय को निलंबन अवधि के दौरान अमृत पाल कौर का मुख्यालय निर्धारित करने के साथ-साथ कथित अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के संबंध में विभागीय कार्रवाई शुरू करने को भी कहा गया है।



