
भोपाल
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 31.1 इंच (लगभग 791 मिमी) पानी बरस चुका है। यह आंकड़ा निर्धारित कोटे का 83.5 प्रतिशत है। सामान्य औसत 33.1 इंच के मुकाबले अभी करीब दो इंच की कमी बनी हुई है, जो कुल मिलाकर छह प्रतिशत कम है।
प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वर्षा का प्रतिशत 101 से 146 तक पहुंच गया है। मऊगंज जिले में सबसे अधिक करीब 53 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा।
12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में अब तक 90% से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मऊगंज प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है, जहां करीब 53 इंच पानी गिर चुका है, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच बारिश दर्ज हुई है।
31 जिलों में 3 से 54% तक बारिश कम
प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 3% से 23% तक कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से 7% से 54% तक कम पानी गिरा है।
पूर्वी हिस्से में बारिश से सुधरा आंकड़ा
पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश के बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में हाल के दिनों में तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसी वजह से पहली बार इस सीजन में पूर्वी हिस्से की बारिश सामान्य के आसपास पहुंची है और सोमवार तक यहां सामान्य से करीब 1% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
11 सितंबर तक इन संभागों में तेज बारिश
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से एक बार फिर पूरे प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
इतने ही जिले बेहतर स्थिति में हैं, जहां 90 प्रतिशत से अधिक कोटा पूरा हो चुका है। इसके विपरीत 31 जिले अभी भी पिछड़े हुए हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत अच्छी रही, जबकि इंदौर-उज्जैन वाले पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा नजर आ रही है।
रीवा-शहडोल में जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में भारी वर्षा का क्रम बना रहेगा। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 12 सितंबर के बाद नए सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश में दोबारा बारिश का माहौल बन सकता है।
जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।
आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।



