लखनऊ बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज, 32 हजार करोड़ की रैपिड रेल परियोजना को मिली रफ्तार

लखनऊ

उत्तर प्रदेश कैपिटल रीजन (यूपीएससीआर) का प्रस्ताव अब आकार लेने लगा है। लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, सीतापुर हरदोई तथा रायबरेली को जोड़कर बनाए जा रहे एससीआर में परिवहन की अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके लिए कानपुर, उन्नाव लखनऊ और अयोध्या को जोड़ने के लिए एससीआर में हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजना का प्रस्ताव दिया गया है। 14 मई को यूपी एससीआर का प्रस्ताव तैयार करने वाली संस्था ने एलडीए में इसका प्रजेंटेशन किया। उसने शहरों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हाई स्पीड रैपिड रेल का प्रस्ताव किया गया है।

187 किमी लम्बा होगा कॉरिडोर, कानपुर से अयोध्या 90 मिनट में पहुंचाएगी
चारों शहरों के बीच प्रस्तावित रैपिड रेल कानपुर के नया गंज से शुरू होगी। जो उन्नाव लखनऊ, रायबरेली होते हुए अयोध्या तक जाएगी। कॉरिडोर की कुल लम्बाई 187 किलोमीटर है। यह मात्र 90 मिनट में ही कानपुर से अध्योध्या पहुंचा देगी। कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे।

औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देगा
करीब 187 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में पहले चरण में नयागंज से अमौसी तक लगभग 67 किमी का नमो भारत सेक्शन विकसित होगा। दूसरे चरण में इसे अमौसी से अयोध्या तक जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य केवल तेज यात्रा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति देना भी है। इससे राजधानी क्षेत्र में रोजाना आने-जाने वाले लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

परियोजना पर खर्च होंगे 32 हजार करोड़ रुपये
इस परियोजना के विकास पर कुल 32 हजार करोड़ रुपये खर्च होगा। परियोजना को एनसीआरटीसी और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर विकसित करेंगे। प्रस्ताव यूपी एससीआर के तहत तैयार किया गया है। 14 मई को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार की अध्यक्षता में हुई एससीआर की बैठक में प्रस्ताव तैयार करने वाली कंपनी एईकॉम ने इसका विस्तृत प्रेजेंटेशन किया।

इन स्थानों पर बनाए जाएंगे 12 स्टेशन
परियोजना के नक्शे के अनुसार कॉरिडोर के स्टेशन नयागंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटारिया और अयोध्या में बनेंगे। जुग्गौर को इंस्टीट्यूशनल डिस्ट्रिक्ट, गोल्फ सिटी को प्रीमियम नेबरहुड, नयागंज व बंथरा को लॉजिस्टिक डिस्ट्रिक्ट, अमौसी को एयरो-हब डिस्ट्रिक्ट, नवाबगंज व अयोध्या को पर्यटन हब, सफदरगंज को कृषि आधारित इंडस्ट्रियल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

लखनऊ बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज
इस परियोजना में लखनऊ को सबसे महत्वपूर्ण रीजनल इंटरचेंज के रूप में विकसित करने की तैयारी है। राजधानी से कानपुर, बाराबंकी और अयोध्या की कनेक्टिविटी अत्यधिक तेज हो जाएगी। इससे नौकरी, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन के लिए यात्रा करने वालों को बड़ा लाभ मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है। बैठक में एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बेहतर मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, स्टेशन क्षेत्रों के सुव्यवस्थित विकास को लेकर अतिरिक्त सुझाव भी दिए।

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