पर्यावरण दिवस से योग दिवस तक डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां लेकर जनता के बीच जाएंगे मंत्रिगण

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा तथा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के हित और जनकल्याण से जुड़े प्रत्येक कार्यक्रम का क्रियान्वयन संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विश्व पर्यावरण दिवस से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न होकर जनभागीदारी और जनजागरण का व्यापक अभियान बनें। उन्होंने कहा कि 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत न्यूनतम 05 करोड़ पौधों का रोपण किया जाए। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व के सम्मान और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बने। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधों की पर्याप्त उपलब्धता, जियो टैगिंग तथा उनके संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जाए तथा इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 05 से 21 जून तक की अवधि विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रभारी मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में समाज के प्रबुद्ध वर्ग, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अभियंताओं, उद्योगपतियों, अधिवक्ताओं, युवा उद्यमियों तथा स्टार्टअप इनोवेटरों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। विगत वर्षों में देश और प्रदेश में हुए सकारात्मक परिवर्तनों, सुशासन, आधारभूत संरचना, निवेश, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों पर चर्चा की जाए तथा समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों और अपेक्षाओं को भी गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने कहा कि यह संवाद विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में जनसहभागिता को और मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस अवधि में स्वच्छता को विशेष जनअभियान के रूप में संचालित किया जाए तथा अधिकारीगण स्वयं इसमें सहभागी बनकर समाज को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 14 से 16 जून तक विकास खंड स्तर पर आयोजित होने वाले जनकल्याण शिविरों एवं स्वास्थ्य मेलों के माध्यम से पात्र लेकिन वंचित लाभार्थियों को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही प्रत्येक जनपद की विशिष्ट पहचान, उपलब्धियों और आधारभूत संरचना विकास को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के माध्यम से प्रबुद्ध नागरिकों और विषय विशेषज्ञों को जोड़ते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर सार्थक विमर्श किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपालों का आयोजन कर जनसमस्याओं के समाधान, योजनाओं की समीक्षा तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था की जाए। नामित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि प्रवास भी करें, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं और चुनौतियों को निकटता से समझकर त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा 08, 09 एवं 10 जून को प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है। उन्होंने प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भर्ती परीक्षा की शुचिता, निष्पक्षता और गोपनीयता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न होने पाए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सहभागिता को देखते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप यातायात प्रबंधन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक असुविधा न हो। उन्होंने परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने 06 जून को परीक्षा आयोजन का पूर्वाभ्यास कराने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलाने अथवा भ्रामक एवं असत्य सूचनाएं प्रसारित करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसी गतिविधियों की सतत और गहन निगरानी की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परीक्षा प्रदेश के लाखों युवाओं की आकांक्षाओं और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी अभ्यर्थी को अनावश्यक कठिनाई या परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक भी अभ्यर्थी को धूप में खड़ा न रहना पड़े तथा परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग द्वारा रियायती किराये पर अंतर्जनपदीय विशेष बसों का संचालन किया जाए। साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा वैकल्पिक बिजली व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी संवेदनशीलता के साथ व्यवस्थाओं की निगरानी करें और अभ्यर्थियों को सुगम, सुरक्षित एवं सकारात्मक परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने वाले प्रत्येक युवा के मन में व्यवस्था के प्रति संतोष और विश्वास का भाव उत्पन्न हो, यह सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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