धान खरीद के पहले दिन किसानों की बढ़ी परेशानी, कहीं खरीद धीमी तो कहीं गेट पास अटके

पानीपत
पीआर धार की मंगलवार को सरकारी खरीद शुरू हो गई। ढांड मंडी में 800 क्विंटल धान की खरीद हुई। धान (पीआर) सामान्य का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और धान (पीआर) ग्रेड "ए" का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया हैं।

कुरुक्षेत्र में पहले दिन धान की खरीद शुरू होते ही 13,720 क्विंटल धान की खरीद हुई। इसमें से 1200 क्विंटल थानेसर मंडी में खरीदा गया है। यमुनानगर में पहले दिन 13 अनाज मंडियों में केवल 3400 क्विंटल की खरीद हो पाई है।

अधिक नमी के कारण खरीद कम हो पाई। मिसमैच के कारण पोर्टल वेरिफाई न होने के कारण कई किसानों के गेट पास नहीं कट पा रहे हैं। कई मंडियों में पोर्टल में गड़बड़ी भी आड़े आई।

करनाल में भी 470 क्विंटल की खरीद हुई। जींद और पानीपत में खरीद नहीं हुई। सिरसा मंडी में अभी पीआर धान की आवक नहीं हुई है।

प्राइवेट खरीदार लगा रहे 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव
कई किसान तो ऐसे हैं, जो एक सप्ताह से मंडियों में धान लेकर बैठे हैं, लेकिन खरीद नहीं हो पा रही। निजी बिक्री में भाव 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल मिलता है। सरकारी भाव 2461 रुपये प्रति क्विंटल है।

1509 के भाव 4345 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचे कैथल अनाज मंडी में 1509 धान के मिल रहे भाव से किसान खुश नजर आ रहे हैं। मंगलवार को अब तक के सबसे ज्यादा भाव 4345 रुपये प्रति क्विंटल भाव 1509 के मिले हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है।

किसानों ने बताया कि इससे पहले पीआर धान के भाव इतने कभी भी नहीं मिले हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विटंल भाव ज्यादा मिल रहे हैं। पिछले साल 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिले थे।

धान एक, नमी मीटर में नमी की मात्रा अलग अलग
करनाल मंडी में निरीक्षण के दौरान डीसी ने मंडी में पहुंचकर धान की ढेरियों पर नमी मापक यंत्र से नमी की जांच करवाई। एक माइश्चर मीटर में धान की नमी 21 प्रतिशत तो दूसरे माइश्चर मीटर में नमी की मात्रा 19 प्रतिशत आई। डीसी ने माइश्चर मीटर ठीक कराने के निर्देश दिए। असंध के विधायक योगेंद्र राणा ने मंगलवार को असंध की नई अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद कार्य शुरू करवाया।

जींद-पानीपत में राइस मिलर्स ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन
धान की पेराई के लिए जींद और पानीपत में किसी भी राइस मिलर्स ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। यदि धान खरीद भी लिया तो उठान कैसे होगा। कैथल में मिलर्स मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं, जबकि करनाल में आढ़ती बकाया आढ़त मांग रहे हैं।

 

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