
बस्ती
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में बिजली बिल में गड़बड़ी को लेकर परेशान एक उपभोक्ता की शिकायत एक्सईएन और एसडीओ पर भारी पड़ गई है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के आदेश का अनुपालन न करने पर अध्यक्ष न्यायाधीश अमर जीत वर्मा, सदस्य अजय प्रकाश सिंह की पीठ ने वर्तमान अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) विद्युत वितरण खंड द्वितीय और उपखंड अधिकारी (एसडीओ) भानपुर को तीन महीने की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
बस्ती के भानपुर के रहने वाले मानवेंद्र सिंह ने उपभोक्ता आयोग में वर्ष 2024 में केस दाखिल किया था। केस के अनुसार वह राहुल ऑटो मोबाइल का प्रोपराइटर है और इस फर्म के लिए विद्युत कनेक्शन ले रखा था। मीटर और बिल दोनों में खराबी आने पर नौ जनवरी 2024 को विभाग में शिकायत की। तीन महीने का बिल 59 हजार रुपये भेजा गया, जिसे उसने जमा कर दिया। उसके बाद में मई का बिल 8566 रुपये आया। शिकायतकर्ता ने पोर्टल पर शिकायत की तो बकाया बिल 62143 दिखने लगा। उसने परिवाद दाखिल किया।
पहली जनवरी 2026 को आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश जारी कर अप्रैल 2024 के बाद के सभी बिल निरस्त कर दिए। विद्युत विभाग पर एक लाख 20 हजार रुपये हर्जाना लगाया। आयोग ने 45 दिन के अंदर आदेश का अनुपालन करने को कहा था। एक्सईएन और उनके मातहत ने आयोग के आदेश का पालन नहीं किया। इस पर मानवेंद्र सिंह ने धारा 72 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकीर्ण वाद (Miscellaneous Case) दाखिल किया। आयोग ने दोनों अफसरों के खिलाफ जमानतीय वारंट भेजा। इसके बाद भी न तो आयोग में हाजिर हुए न ही आदेश का पालन किया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को दंडित करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
देवरिया में बिजली विभाग के एसई दफ्तर पर महापंचायत का ऐलान
उधर, भारतीय किसान यूनियन की देवरिया इकाई के अध्यक्ष गिरीश नारायण शाही उर्फ बड़े शाही की अध्यक्षता में हुई एक बैठक बिजली की समस्याओं को लेकर एसई और डीएम दफ्तर पर महापंचायत का निर्णय लिया गया। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष किसान नेता विनय सिंह सैंथवार ने कहा कि बिजली की समस्या से पूरा जिला परेशान है। जर्जर नंगे तारों को आज तक नहीं बदला गया है। इससे ग्रामीण जनता बहुत ही परेशान है। बरियारपुर विद्युत उपकेंद्र बहुत ही ओवरलोड चल रहा है। कई गांवों के ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं। कई वर्षों से बरियारपुर बिजली घर से जुड़े ग्राम सिंधुआ में 33/11 केवीए का विद्युत उपकेंद्र बनाने की मांग हो रही है लेकिन बिजली विभाग और सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है।



