दशकों का इंतजार खत्म! बस्तर के तीन गांवों में पहली बार गूंजेगी बच्चों की पाठशाला

दंतेवाड़ा.

मलगिर क्षेत्र के बड़ेपल्ली, लावा और बैंगपाल गांवों में आजादी के बाद पहली बार स्कूल शुरू होने जा रहे हैं. इन गांवों के 65 बच्चे पहली बार औपचारिक शिक्षा से जुड़ेंगे. इलाका अब तक सड़क और शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रहा है.

शिक्षा विभाग की टीम ने गर्मी की छुट्टियों में दुर्गम रास्तों पर पैदल पहुंचकर सर्वे किया. घर-घर जाकर बच्चों की पहचान और दस्तावेज तैयार किए गए. अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया. फिलहाल ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए भवनों में कक्षाएं संचालित होंगी. भविष्य में स्थायी स्कूल भवन बनाने की योजना तैयार की जा रही है.

यह पहल दूरस्थ इलाकों में शिक्षा पहुंचाने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है. साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का अभियान भी जारी है. पलायन और अन्य कारणों से शिक्षा से दूर हुए बच्चों की सूची तैयार की जा रही है. बस्तर के इन गांवों में अब पहली बार बच्चों के हाथों में कलम और किताब दिखाई देगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button