Border Security Upgrade: भारत-पाक सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग शुरू, 24 घंटे निगरानी से घुसपैठ पर लगेगी लगाम

गुरदासपुर.

भारत और पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर (स्मार्ट फेंसिंग) एंटी-कट एंटी-रेस्ट कंटीली तारें तेजी से लगाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाली देश विरोधी गतिविधियों पर रोकना है। इस कंटीली तार को काटना मुश्किल है और इसमें जंग लगना भी मुश्किल है।

इसकी ऊंचाई 12 फीट की गई है। इस तार में से कोई मोटी वस्तु आर पार नहीं जा सकती है। केंद्र सरकार की ओर से पंजाब की सीमाओं को पूरी तरह से सुरक्षित करने के उद्देश्य से पिछले समय से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्मार्ट फेंसिग कंटीली तार लगाई जा रही है। बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस स्मार्ट फेंसिंग पर पीटीजैड कैमरे, सीसीटीवी कैमरे, ग्राउंड सेंसिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे।

गांव रोसे, चंदू वडाला आदि गांवों के किसान जागीर सिंह, कुलबीर सिंह, गुरबख्श सिंह व बलविंदर सिंह ने कहा कि पिछले दिनों कंटीली तारें अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब 150 गज करीब चले जाने से उनकी सैकड़ों एकड़ जमीन तार से बाहर आ गई है। इससे समय की बचत हो रही है। वहीं, फसल कटाई के समय उन्हें बड़े पैमाने पर मजदूरों के लिए गेट पास बनाने पड़ते थे। अब कंटीली तार के आगे जमीन का एरिया कम होने से कम मजदूर लेने पड़ते हैं। इसके अलावा उन्हें जंगली जानवरों से भी राहत मिली है।

गांव रोसे के सरपंच बोले- एक्वायर जमीन का मुआवजा दें
गांव रोसे के सरपंच व बार्डर एरिया संघर्ष कमेटी के नेता प्रभशरण सिंह रोसे ने कहा कि उनकी जमीन पर कंटीली तार लगाने के लिए 44 x 44 फीट और आइबी के लिए 12 फीट जमीन दो बार एक्वायर की गई, लेकिन उनकी जमीन का एक भी पैसा मुआवजे के तौर पर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि किसानों ने इस बारे में कोर्ट में केस किया है। उन्होंने कहा कि आइबी के लिए केंद्र सरकार ने जो जमीन एक्वायर की थी, उसका पैसा पंजाब सरकार को जारी कर दिया गया, लेकिन किसानों को एक्वायर की गई जमीन का मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने मांग की है कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार उन्हें मुआवजा दें।

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