
उज्जैन.
विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर से सोमवार को सावन मास की दूसरी भव्य सवारी निकाली जाएगी। इस दौरान भक्तों को भगवान महाकाल के एक साथ दो दिव्य रूपों में दर्शन प्राप्त होंगे।
अवंतिकानाथ (महाकाल) चांदी की पालकी में 'चंद्रमौलेश्वर' रूप में और श्यामू हाथी पर 'मनमहेश' रूप में सवार होकर प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस पांच किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर आस्था का अनूठा समागम देखने को मिलेगा।
विभिन्न लोक नृत्यों की थीम पर आधारित होगी दूसरी सवारी
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा इस साल की सवारियों के लिए विशेष 'थीम आधारित' व्यवस्था लागू की गई है-
पहली सवारी: 3 अगस्त को निकली सावन मास की पहली सवारी 'वैदिक उद्घोष' की थीम पर निकाली गई थी।
दूसरी सवारी: सोमवार को निकलने वाली दूसरी सवारी 'विभिन्न लोक नृत्यों' की थीम पर आधारित होगी। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए लोक कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हुए चलेंगे। नगरवासियों और श्रद्धालुओं को एक ही मार्ग पर अनेक संस्कृतियों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
व्यवस्थाओं में बदलाव, पुजारियों के सुझावों पर अमल
सावन मास की पहली सवारी के दौरान अव्यवस्थाओं के कारण कुछ आपाधापी की स्थिति निर्मित हो गई थी, जिसमें कुछ पुजारियों को चोटें भी आई थीं। सवारी के बाद पुजारियों ने मंदिर समिति को इस संबंध में अवगत कराते हुए व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे। मंदिर समिति दूसरी सवारी में पुजारियों द्वारा दिए गए इन सुझावों पर सख्ती से अमल करने की पूरी तैयारी कर रही है ताकि सभी श्रद्धालु सुगमता और सुरक्षा के साथ भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।



