
जयपुर
कृषि विभाग की विभिन्न बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निर्धारित समयावधि में लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में बजट वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 की बजट घोषणाओं की समीक्षा एवं प्रगति बैठक आयोजित हुई।
बैठक में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित बजट घोषणाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कृषि आयुक्त ने अधिकारियों से प्रत्येक घोषणा के तहत अब तक की गई कार्यवाही, स्वीकृतियां, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि इनका वास्तविक लाभ प्रदेश के किसानों तक पहुंच सके।
प्रत्येक बजट घोषणा की हो नियमित मॉनिटरिंग
कृषि आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, फसल उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं को धरातल पर उतारना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बजट घोषणा के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समय-सीमा एवं जिम्मेदारी तय करते हुए नियमित रूप से प्रगति की मॉनिटरिंग की जाए। जिन कार्यों में किसी स्तर पर तकनीकी, प्रशासनिक अथवा वित्तीय अड़चन आ रही है, उनका तत्काल समाधान करते हुए प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए।
किसानों को योजनाओं का मिले समय पर लाभ
गोयल ने कहा कि विभागीय योजनाओं एवं बजट घोषणाओं का उद्देश्य केवल वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य हासिल करना नहीं, बल्कि किसानों को योजनाओं का समय पर और अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं किसानों को जानकारी उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि पात्र किसान योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रहें।
बैठक में बजट घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति, क्रियान्वयन की प्रगति, लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धियां तथा आगामी अवधि में किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागीय कार्यक्षेत्र से संबंधित प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
कृषि आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बजट घोषणाओं की शत-प्रतिशत क्रियान्विति सुनिश्चित करें तथा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उच्च स्तर पर प्रस्तुत करें।



