फिल्म में कटे रोल पर एक्ट्रेस का बयान: ‘बॉलीवुड को फर्क नहीं पड़ता, साउथ है बेहतर’

मुंबई 

बॉलीवुड एक्ट्रेस एली अवराम ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में दस साल पूरे कर लिए हैं. ऐसे में उन्होंने अपने लंबे सफर के बारे में खुलकर बात की. एक्ट्रेस ने बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में बढ़िया काम किया है. दोनों फिल्म इंडस्ट्री के वर्किंग कल्चर के बीच होने वाली तुलना पर एली ने अपने विचार रखे. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में एली अवराम ने अपने एक्सपीरिएंस को ईमानदारी से शेयर करते हुए बताया कि उन्हें साउथ फिल्म सेट्स ज्यादा शांतिभरे लगते हैं। 

बॉलीवुड बबल के साथ बातचीत में एली अवराम ने कहा कि उन्हें दोनों इंडस्ट्रीज में अच्छा अनुभव मिला है. लेकिन साउथ में काम करने का उनका एक्सपीरिएंस ज्यादा बेहतर रहा. उन्होंने कहा, 'मुझे साउथ के सेट पर ज्यादा शांतिपूर्ण माहौल मिला है. बॉलीवुड से ज्यादा…' इससे उनका इशारा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भागदौड़ और हलचल भरे माहौल की तरफ था. उन्होंने आगे कहा, 'साउथ फिल्म क्रू शांत माहौल बनाए रखना पसंद करते हैं. वे चीखने-चिल्लाने की बजाय वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं.' एली के अनुसार, अंतर सिर्फ रफ्तार का नहीं है, बल्कि पूरे सेट के मैनेजमेंट का भी है। 

बॉलीवुड को नहीं परवाह

एक्ट्रेस ने बॉलीवुड के कुछ खराब अनुभवों के बारे में भी खुलकर बताया. हिंदी फिल्म सेट्स पर कभी-कभी मिलने वाली बेपरवाही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरा बॉलीवुड अनुभव ज्यादातर ऐसा रहा है कि अगर आप खाना खा भी रहे हों, फिर भी आपको बताया जाता है कि आपका शॉट तैयार है. हमें इसकी परवाह नहीं कि आपने खाना खाया है या नहीं, भले ही आप बेहोश हो जाएं, लेकिन शॉट तैयार है। 

हालांकि उन्होंने साफ किया कि हर जगह ऐसा नहीं होता, यह काफी हद तक टीम पर निर्भर करता है. एली अवराम ने अपने एक नेटफ्लिक्स प्रोजेक्ट का जिक्र भी किया जहां फिल्ममेकर और क्रू ने सभी का अच्छा ख्याल रखा और मेहमाननवाजी भी की। 

टाइपकास्टिंग हुई थीं एली
एली अवराम ने यह भी बताया कि साउथ इंडस्ट्री महिलाओं को कंटेंट-ड्रिवन भूमिकाओं में बेहतर मौके देती है. जबकि बॉलीवुड अक्सर एक्टर्स को टाइपकास्ट कर देता है. उन्होंने समझाया, 'जैसे अगर आपको प्रिटी गर्ल रोल्स में कास्ट कर दिया जाए, तो आप उसी में अटक जाते हैं.' उन्होंने बताया कि लोगों की पहले से बनी हुई सोच एक्टर्स को मिलने वाले रोल्स की रेंज को कैसे सीमित कर देती हैं। 

एली अवराम को आदित्य रॉय कपूर की फिल्म 'मलंग' में एकदम अलग रोल में देखा गया था. अपने उस रोल को याद करते हुए एक्ट्रेस ने बताया कि जब उन्होंने पिक्चर में सीरियस और इंटेंस किरदार निभाया, तो इंडस्ट्री में कई लोग हैरान रह गए थे. उन्होंने कहा, 'जब मुझे मलंग में कास्ट किया गया और मुझे अलग तरीके से दिखाया गया, तो किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि मैं ऐसा रोल करूंगी. मुझे बताया गया कि फिल्ममेकर्स शॉक हो गए थे कि एली एक सीरियस एक्टर भी है। 

सीन्स हटा दिए गए
सिनेमा के सफर में आगे निकल चुकीं एली अवराम ने मुश्किल दिन भी देखे हैं. उन्होंने याद किया कि एक फिल्म की एडिटिंग के दौरान उनके ज्यादातर सीन्स, यहां तक कि उनका इंट्रोडक्शन भी काट दिया गया था. ये उनके लिए झटके की बात थी. ऐसे में एक्ट्रेस ने फिल्म में खुद को 'प्रॉप' जैसा महसूस किया. अपने करियर के सबसे अपमानजनक पलों में से एक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वो एक 'बहुत बड़ी फिल्म’ थी, जो अंत में फ्लॉप हो गई. हालांकि उन्होंने इसका नाम नहीं बताया। 

उन्होंने कहा, 'एक फिल्म थी जिसमें मुझे सेकंड लीड रोल मिला था. वो फिल्म हीरो और दो लीड एक्ट्रेस के साथ बननी थी. मैं सिर्फ इसलिए वो फिल्म कर रही थी, क्योंकि मुझे सेकंड लीड रोल दिया गया था. वरना मैं कभी साइन नहीं करती.' एली के अनुसार, फाइनल कट से पहले उनके कई सीन्स हटा दिए गए. डबिंग के समय उन्हें लगा कि उनकी भूमिका अभी भी कुछ महत्व रखती है, लेकिन बाद में पता चला कि वो हिस्से भी एडिट कर दिए गए. फिल्म रिलीज होने तक उनका रोल इतना कम हो गया था कि वो खुद को एक किरदार के बजाए 'प्रॉप' जैसा समझने लगीं। 

उन्होंने कहा, 'मेरा पूरा इंट्रोडक्शन हटा दिया गया, मतलब मैं उस फिल्म में जैसे एक प्रॉप बन गई. लग रहा था कि एली अवराम इस फिल्म में है ही क्यों? अपने पूरे करियर में मैंने कभी इतना अपमान महसूस नहीं किया. बहुत बुरा लगा. वो बहुत बड़ी फिल्म थी. और फिल्म भी डिजास्टर रही, बड़ी फ्लॉप. वो फिल्म बैठकर देखने की कोशिश करना भी बेतुका था. क्योंकि अब वो पूरी तरह अलग कहानी बन गई थी. ये बिल्कुल बेतुका था। 

उन्होंने आगे बताया कि डायरेक्टर का भी पिक्चर के फाइनल आउटकम पर ज्यादा नियंत्रण नहीं था. बड़े फैसले प्रोड्यूसर्स के करीब बैठे लोगों के हाथ में थे, जिससे स्थिति और भी निराशाजनक हो गई. उन्होंने कहा, 'डायरेक्टर का भी कोई कहना नहीं था. जो प्रोड्यूसर्स के करीब बैठे थे, उनका कहना मान्य था. डायरेक्टर के लिए भी ये दिल तोड़ने वाला होता है। 

एली अवराम ने अपना करियर साल 2013 में 'बिग बॉस 7' से शुरू किया था. उसी साल उन्होंने 'मिकी वायरस' नाम की फिल्म के साथ बॉलीवुड में डेब्यू किया. समय के साथ उन्होंने 'गुडबाय' और 'गणपथ' जैसी फिल्मों में काम किया. साथ ही तमिल सिनेमा में भी प्रोजेक्ट्स किए, जिसमें 'नाने वरुवेन' और 'कॉन्ज्यूरिंग कन्नप्पन' शामिल हैं. उन्होंने 'द वर्डिक्ट स्टेट वर्सेज नानावटी' और 'इनसाइड एज 2' जैसी वेब सीरीज में भी काम किया है। 

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