
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रबंधन राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए। इसके लिए सभी नागरिकों को जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा आपदा प्रबंधन हर नागरिक की दिनचर्या में शामिल होना चाहिए। नवीन तकनीक और अर्ली वार्निंग सिस्टम के उपयोग से जन व धन हानि को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड स्वयं सेवकों की भर्ती में आपदा मित्रों को वरीयता दी जाएगी।
रविवार को मुख्यमंत्री ने गोमती नगर में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। 200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन में 200 लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। साथ ही अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
आपदा से पहले ही सतर्कता बरतने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने मानव एवं वन्य जीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में रखा है। सरकार ने पिछले दो वर्षों में बिजनौर से 80 तेंदुओं को विस्थापित किया है। अब किसी भी आपदा से होने वाली जन व धन की हानि को बचाया जा सकता है। हम लोग अक्सर आपदा के बाद सक्रिय होते हैं।
आपदा के प्रति पहले से ही सतर्कता बरतने की जरूरत है। तैयारी व जागरूकता जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर तक ला सकती है। इसलिए नियमित तौर पर जागरूकता के कार्यक्रम चलने चाहिए। आपदा को लेकर हमें स्वयं के प्रशिक्षण पर ध्यान देने के साथ-साथ स्कूलों व कालेजों में विद्यार्थियों व टीचरों में जागरूकता लानी होगी। यह देश की बहुत बड़ी सेवा होगी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने से पहले ही हम तकनीकि के माध्यम पता कर लें और लोगों को बता दें तो बचाव संभव है। उत्तर प्रदेश में दो माह पहले फतेहपुर से लेकर प्रयागराज, कौंशांबी, जौनपुर, आजमगढ़, सुलतानपुर व अंबेडकर नगर तक में 111 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदा से हुई थी।
उन्होंने यूपीएसडीएमए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन को लेकर अच्छे संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाएं। साथ ही हर नागरिक को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए। जिला, तहसील, थाना, विकास खंड व नगरीय निकाय के स्तर पर जागरूकता पर कार्यक्रम चलाकर लोगों को जाागरू करना होगा।
आपदा प्रबंधन के लिए तकनीक के जरिए रिमोंट सेंसिंग व मॉनिटरिंग की व्यवस्था, एआई आधारित व्यवस्था, अर्ली वार्निंग सिस्टम, मोबाइल आधारित सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था बनानी होगी। मुख्यमंत्री यूपीएसडीएमए के अध्यक्ष भी हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लखनऊ में हाल ही में एक इमारत में आग लगने की सूचना मिलते ही अपने कार्यक्रम रद कर मुख्यमंत्री घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंचम तल पर स्टेट इमरजेंसी सेंटर स्थापित किया जा रहा है।
वहीं, यूपीएसडीएमए के उपाध्यक्ष लेफ्टीनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) योगेंद्र डिमरी ने कहा कि राज्य में मौसम की सटीक जानकारी के लिए डाप्लर वेदर रडारों की स्थापना की जा रही है
राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव अपर्णा यू और राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भाश्कर यशोद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने अपदा प्रबंधन व बचाव को लेकर उल्लेखनीय कार्य करने वाले आठ कर्मचारियों को सम्मानित भी किया।



