महिला अफसरों का जलवा: कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पदों पर बनीं नई शर्तें

फरीदकोट
किसी भी जिले की व्यवस्था उसके प्रशासन और पुलिस महकमे पर टिकी होती है। फरीदकोट में अब इन दोनों अहम मोर्चों की कमान पूरी तरह से ‘नारी शक्ति’ के हाथ में आ गई है।  वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर ने जैसे ही डिविजनल कमिश्नर की कुर्सी संभाली, फरीदकोट के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ गया। इसी के साथ जिले के चार सबसे बड़े पदों कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पर महिला अधिकारियों की शानदार ‘जोड़ी’ बन गई है। यह बदलाव सिर्फ महिला सशक्तिकरण की एक तस्वीर भर नहीं है, बल्कि आम जनता के लिए पारदर्शी और जवाबदेह शासन की एक नई उम्मीद भी है। जिले की नागरिक और सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह से महिला अधिकारियों के कौशल पर टिकी है। 

जहां मंडल स्तर पर आईएएस कंवलप्रीत कौर कमान संभाल रही हैं, वहीं जिले की डीसी के रूप में आईएएस पूनमदीप कौर नागरिक प्रशासन का नेतृत्व कर रही हैं। पुलिस विभाग में भी यही नजारा है; एसएसपी के पद पर डॉक्टर प्रज्ञा जैन तैनात हैं, जबकि रेंज स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक का अहम पद नीलांबरी विजय जगदले संभाल रही हैं। शासन के शीर्ष पर बैठी इन चार महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने फरीदकोट को पंजाब के प्रशासनिक मानचित्र पर एक प्रगतिशील और समावेशी जिले के रूप में स्थापित कर दिया है।

शिकायतों का होगा समाधान : कमिश्नर
कार्यभार संभालते ही मंडल आयुक्त कंवलप्रीत कौर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में फाइलों का अंबार लगाने के बजाय जनसमस्याओं का मौके पर निपटारा करना उनकी प्राथमिकता होगी। अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में उन्होंने ‘नागरिक केंद्रित शासन’ पर जोर देते हुए कहा कि आम आदमी को अपनी जायज मांगों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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