पंजाब के लोगों के लिए बेहद ही खास खबर, अब लोगों को 29 प्रकार की सेवाएं सेवा केंद्रों में मिलेंगी, कौन-कौन सी सेवाएं

अमृतसर
पंजाब के लोगों के लिए बेहद ही खास खबर सामने आई है। अब लोगों को 29 प्रकार की सेवाएं सेवा केंद्रों में मिलेंगी। रीजनल ट्रांसपोर्ट दफ्तर की तरफ से वाहनों की रजिस्ट्रेशन से लेकर ड्राइविंग टेस्ट जैसी 29 प्रकार की सेवाएं अब भविष्य में सेवा केन्द्रों में देने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसके तहत आम जनता इन सेवाओं को सेवा केन्द्रों से अप्लाई कर सकेगी।

जानकारी के अनुसार इस संबंध में सैक्रेटरी आर.टी.ए. खुशदिल सिंह संधू की तरफ से सेवा केन्द्रों के कर्मचारियों को ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है। पिछले 3 दिनों से यह ट्रेनिंग कर्मचारियों को दी जा रही है। इन सेवाओं के लिए कैसे अप्लाई करना है। इसके बारे में कर्मचारियों को बताया जा रहा है। बता दें कि स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की तरफ से पूरे राज्य के रीजनल ट्रांसपोर्ट दफ्तरों व एस.डी.एम.एज. की तरफ से ट्रांसपोर्ट विभाग संबंधी दी जाने वाली सेवाओं को सेवा केन्द्रों में शिफ्ट करने संबंधी लिखित निर्देश जारी हो चुके हैं। ऑनलाइन सेवाएं लेने के लिए ज्यादातर लोग एजेंटों के शिकार बन रहे थे जिससे भ्रष्टाचार भी फैल रहा था लेकिन आने वाले दिनों में तय सरकारी फीस अदा करके लोग सेवा केन्द्रों से ही आवेदन दे सकते हैं।

कौन-कौन सी सेवाएं
सेवा केन्द्रों में लर्निंग लाइसेंस, नया लाइसेंस, हाईपोटैबीकेशन, एडीशन, टरमिनेशन, डुप्लीकेट आरसी, ट्रांसफर ऑफ ऑनरशिप आदि जैसी सेवाओं को आने वाले दिनों में सेवा केन्द्रों में शिफ्ट किया जा रहा है।

ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर बदले सारे कर्मचारी
विजीलैंस विभाग की तरफ से पूरे राज्य में ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर रेड की गई थी, क्योंकि शिकायतें मिल रही थी कि टेस्ट लेने के दौरान भ्रष्टाचार हो रहा है। एजेंटों से भेजे गए लोगों के टैस्ट पास किए जा रहे हैं और जो व्यक्ति खुद बिना एजैंट के टैस्ट देता है उसको टैस्ट में फेल कर दिया जाता है। हालांकि इस मामले में लुधियाना व कुछ अन्य जिलों में एजेंट जरुर पकड़े गए, लेकिन अमृतसर में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला, क्योंकि नवनियुक्त सैक्रेटरी आर.टी.ए. खुशदिल सिंह ने पदभार संभालते ही ट्रैक पर काफी सख्ती कर रखी थी इतना ही नहीं ट्रैक में वर्षों से तैनात कर्मचारियों को भी सीट से बदलकर दफ्तर में अन्य सीटों पर तैनात कर दिया था। इन कर्मचारियों के जिले शिफ्ट करने के लिए भी एस.टी.सी. को लिखित रूप से कहा गया था।
 
सदर सेवा केन्द्र के बाहर सरगर्म एजैंट शिकंजे से बाहर
जिस समय ऑटोमेटिड ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक पर विजीलैंस विभाग की तरफ से रेड की गई तो कुछ बड़े एजैंटों के साथ साथ एक ऐसे एजैंट का भी खुलासा हुआ जो सदर सेवा केन्द्र के बाहर एक वसीका नवीस की दुकान पर काम करता था और ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य काम करवाने के लिए मोटी रिश्वत लेता था। यह एजेंट ट्रैक पर तैनात कुछ कर्मचारियों के संपर्क में था और बिना फोटो और बिना टेस्ट दिए ही लोगों के टेस्ट पास करवा देता था। फिलहाल इसके बारे में पुलिस को भी लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक यह एजैंट फरार चल रहा है।

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