बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण कर राजभर का सपा पर तीखा हमला, बोले- अखिलेश न पूरी तरह हिंदू बन पा रहे न मुसलमान

मऊ
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मऊ जिले के मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र स्थित कसारी गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क की प्रतिमा का अनावरण किया. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए और पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव की दादरी रैली पर पलटवार किया. राजभर ने सपा प्रमुख पर धार्मिक पहचान को लेकर स्पष्ट न होने का आरोप लगाया. उन्होंने खुद को एक ऐसा नेता बताया जो गरीबों के हक के लिए मुख्यमंत्री और अधिकारियों से भी भिड़ सकता है.

खुद को बताया 'बेहया' नेता
मंच से जनता को संबोधित करते हुए राजभर ने अपनी कार्यशैली पर बेबाकी से बात की. उन्होंने कहा, "हम बहुत बेहया नेता हैं. बेहया उस पौधे की तरह है जो पोखरी में थोड़ा भी हो तो फैल जाता है. मेरा नाम सुनते ही अधिकारी काम कर देते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि यह हल्ला करेगा."

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जनता के न्याय के लिए डीएम, मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव, किसी से भी लड़ने को तैयार रहते हैं. राजभर ने कहा कि वह मनबढ़ नहीं हैं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान की ताकत से गरीबों को न्याय दिला रहे हैं.

अखिलेश की धार्मिक पहचान पर सवाल
राजभर ने अखिलेश यादव की दादरी रैली पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश जी न तो पूरी तरह हिंदू बन पा रहे हैं और न ही मुसलमान. उन्होंने कहा, "अखिलेश कभी नमाज पढ़ने जाते हैं तो कभी सेवई खाने, लेकिन मंदिर जाने से कतराते हैं. वह पहले यह तय करें कि वह नमाजी हैं या मंदिर वाले." राजभर के मुताबिक, अखिलेश अयोध्या और मथुरा जाने से परहेज करते हैं, जबकि जनता अब उनकी हकीकत समझ चुकी है.

गुर्जर समाज को बताया 'कट्टर हिंदू'
दादरी में गुर्जर समाज के समर्थन के दावे पर राजभर ने कहा कि गुर्जर समाज कट्टर हिंदू है और वह भगवान राम व कृष्ण को मानता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का दावा खोखला है क्योंकि सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज द्वारा सपा के बहिष्कार के वीडियो मौजूद हैं. राजभर ने कहा कि राजा मिहिर भोज की मूर्ति को गंगाजल से धोए जाने के सवाल पर अखिलेश जवाब नहीं दे पाए. उनके अनुसार, लाखों यादव और मुसलमान अब भाजपा के साथ हैं.

विपक्षी गठबंधन को बताया 'दगे हुए कारतूस'
एनडीए की मजबूती का दावा करते हुए राजभर ने कहा कि उनके गठबंधन में जयंत चौधरी, अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद जैसे नेताओं के पास वोट दिलाने की ताकत है. वहीं, समाजवादी पार्टी के पास केवल 'दगे हुए कारतूस' बचे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का कोई भी नेता सामाजिक न्याय समिति या रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पर बात नहीं कर रहा है, सब केवल अपना टिकट पक्का करने के जुगाड़ में लगे हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button