मकसूदां सब्जी मंडी में पार्किंग ठेकेदार की मनमर्जी के कारण फिर से बवाल, फड़ी वालों के साथ मैदान में उतरे आढ़ती

जालंधर
मकसूदां सब्जी मंडी में पार्किंग ठेकेदार की मनमर्जी के कारण फिर से बवाल हो गया। ठेकेदार द्वारा दिए सरकारी फीस लेने के आश्वासन ने बाद फिर से अपनी 3 गुना ज्यादा फीस वसूलने के बाद फड़ी वालों ने काम ठप्प कर दिया। फड़ियां बंद करके उन्होंने आढ़तियों को सूचना दी जिसके बाद मंडी के अंदर ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। वहीं समय देने के बावजूद मार्कीट कमेटी के अधिकारी न पहुंचे तो ठेकेदार के साथ-साथ मंडी बोर्ड और मार्कीट कमेटी के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी गई। फड़ी वालों के साथ आढ़तियों, ड्राइवरों, खोखे वाले आदि सब इकट्ठा हो गए और मंडी के गेट पर चक्का जाम कर दिया।

जैसे ही अधिकारियों को पता लगा कि आढ़ती सड़क ब्लॉक करने लगे तो मार्कीट कमेटी के सैक्रेटरी ने मोर्चा संभाला। इसके बाद आढ़तियों ने सैक्रेटरी रूपिंद्र सिंह को मांग पत्र सौंपा। बुधवार को आढ़ती डी.सी. जालंधर को मांग पत्र देकर ठेका रद्द करने की मांग रखेंगे। आढ़तियों ने चेतावनी दी कि अगर ठेका रद्द नहीं हुआ तो वह या तो माननीय हाईकोर्ट की शरण लेंगे या फिर हड़ताल पर चले जाएंगे।

दरअसल मंगलवार को आढ़तियों ने डी.एम.ओ., सैकेटरी और चेयरमैन को मांग पत्र सौंपने का समय लिया हुआ था। आढ़तियों ने कहा कि मंगलवार सुबह ठेकेदार के कारिंदे दोबारा से फड़ी वालों से ज्यादा पैसे वसूलने लगे जिसके बाद उन्होंने फड़ियां बंद कर दी और आढ़ती भी इकट्ठा हो गए। सैंकड़ों के हिसाब से इकट्ठा हुए फड़ी वाले, रेहड़ी, खोखे चलाने वाले, ड्राइवरों के साथ साथ आढ़तियों ने विरोध करना शुरू कर दिया।

समूह प्रदर्शनकारियों ने मंडी में पैदल रोष मार्चा निकाला और डी.एम.ओ. को मांग पत्र देने के लिए डीएमओ ऑफिस पहुंच गए। मामला तब भड़क गया जब डी.एम.ओ. समय देकर खुद वहां मौजूद नहीं थे जिसके बाद आढ़ती आफिस के अंदर ही नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में पता लगा कि मार्किट कमेटी के चेयरमैन और सैक्रेटरी भी मौजूद नहीं है जिसके चलते गुस्से में आए आढ़तियों ने ठेकेदार के साथ साथ मार्कीट कमेटी के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

आढ़तियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार मिलीभगत से ही सरकारी फीस से ज्यादा पैसे वसूल रहा है। फड़ी वालों से वह तीन गुणा पैसे वसूल रहा है तो जिस वाहन की पर्ची 15 रुपए की है उससे 70 रुपए, 60 वाली पर्ची 130 रुपए लिए जा रहे हैं। अन्य वाहनों की भी डबल फीस ली जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास पुख्ता सबूत है कि ठेकेदार सरकार के नियमों की बिल्कुल परवाह नहीं कर रहा उल्टा जो पहले 24 घंटों की पर्ची दी जाती थी वही पर्ची का रेड डबल करके 12 घंटों की कर दी गई।

दोपहर 12.30 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन उस समय खत्म हुआ जब करीब अढाई बजे के करीब आढ़तियों व अन्यों ने मकसूदां सब्जी मंडी का गेट बंद कर दिया। वह रोड़ जाम करने ही लगे थे कि सैक्रेटरी रुपिंदर सिंह ने फोन करके उन्हें बात करने के लिए अपने दफ्तर बुला लिया। आढ़तियों ने ठेकेदार की मनमर्जी के खिलाफ सैकेटरी को मांग पत्र सौंपा है। आढ़तियों के समूह ने कहा कि बुधवार को वह डी.सी. को मांग पत्र सौंप कर ठेका रद्द करने की मांग रखेंगे। अगर फिर भी कुछ नहीं हुआ तो उनकी माननीय हाईकोर्ट जाने की तैयारी भी मुकम्मल हो चुकी है। अगर हड़ताल करने की रणनीति तय हुई तो वह भी की जाएगी।

इस मौके पर आढ़ती मोहिंदरजीत सिंह, शंटी बत्रा, इंदरजीत सिंह नागरा, गोल्डी खालसा, डिंपी सचदेवा, महेश मखीजा, सन्नी बत्रा, नन्नू बत्रा, प्रवेश कुमार, वैद मकानी, मदन गिरधर, किशन अनेजा, मुनीश कत्याल, मनीश भांबरी, नीरज चाहल, तरुण बाठला, मनप्रीत ओबराये, सन्नी ओबराये, पवन मदान, राजीव खमिजा, कमल सचदेवा, संजीव कुमार, हन्नी कक्कड़, सोनू तुली, विश्वास, राज कुमार शर्मा, कमल शर्मा, रिक्की जी.वी.सी., प्रिंस बत्रा, गोरू तुली, गुरदीप मोंगिया, रिशू कुमार, गौरव गुगलानी, सुरिंदर गुगलानी, गीरिश कुमार, रवि शंकर गुप्ता, सुशील कुमार, सीता राम, सिकंदर, नंद लाल गुप्ता आदि मौजूद शामिल थे।

ठेकेदार को नोटिस जारी किया : सैक्रेटरी
इस सारे विवाद संबंधी जब मार्कीट कमेटी के सैक्रेटरी रूपिंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मकसूदां सब्जी मंडी के पार्किंग ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। ठेकेदार के जवाब के हिसाब से अगला एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडी का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।

अब ठेका रद्द करने की होगी मांग : शंटी बत्रा
आढ़ती शंटी बत्रा ने कहा कि ठेकेदार को कई दिनों से कहा जा रहा है लेकिन वह हर बार भरोसा देकर फिर से अपनी मर्जी के हिसाब से फीस ले रहा है जिससे मंडी में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अब वह जांच नहीं बल्कि ठेका रद्द करवाने की मांग रखेंगे।मंडी के सभी आढ़ती बुधवार सुबह डी.सी. से मुलाकात करके इस मांग को रखेंगे। अगर हम कोई इंतजार नहीं करेंगे। 

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