पेट्रोलियम मंत्रालय का दावा: ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता, LPG की 92% बुकिंग अब ऑनलाइन

नई दिल्ली
दुनिया भर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस को लेकर मची हाहाकार के बीच भारत सरकार ने विश्वास दिलाया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और कच्चे तेल से लेकर प्राकृतिक गैस तक पर्याप्त मात्रा में है। पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बुधवार को इसकी जानकारी दी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शांति बहाली को लेकर भारत के प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से बातचीत की।

भारत ने तनाव कम करने, शांति बहाली और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित व खुला रखने पर जोर दिया। दोनों वार्ताओं में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति और ऊर्जा सुरक्षा पर समन्वय पर बल दिया गया, जिसमें भारत-श्रीलंका सहयोग भी शामिल है। भारत ईरान सहित क्षेत्रीय साझेदारों के संपर्क में है और अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है। वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ईरानी राजदूत से मुलाकात हुई। कई भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान मार्गों के जरिए लौटे हैं, जिसके लिए ईरान को धन्यवाद दिया।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव राजेश सिन्हा ने जानकारी दी कि वर्तमान में 20 भारतीय जहाज पर्शियन गल्फ क्षेत्र में हैं, जिनमें 500 से ज्यादा भारतीय नाविक मौजूद हैं। उन्होंने बताया, "पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। 20 भारतीय जहाज वर्तमान में पर्शियन गल्फ क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं, और इन जहाजों पर 540 भारतीय नाविक मौजूद हैं, और सभी सुरक्षित हैं। संबंधित एजेंसियां और शिपिंग अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।"

अंतर मंत्रालयी प्रेस ब्रीफ में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अपने विभाग की तैयारियों और एलपीजी-पीएनजी को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रही हैं। देश में सालाना लगभग 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता मौजूद है। हाल के दिनों में कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लाइन और पैनिक बाइंग देखी गई, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी पंपों और सप्लाई टर्मिनलों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

शर्मा ने आगे कहा, पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी की आपूर्ति सामान्य है। सरकार पीएनजी विस्तार पर जोर दे रही है और कई कदम उठाए गए हैं। लगभग 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हो चुके हैं और करीब 2.5 लाख नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। एलपीजी के मामले में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर ड्राई-आउट नहीं है (एलपीजी उपलब्ध है)। ऑनलाइन बुकिंग लगभग 92 फीसदी तक पहुंच गई है।

सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का आवंटन 20 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी किया है, ताकि ढाबा, होटल, कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता मिल सके। अब तक 26 राज्यों ने करीब 22,000 टन कमर्शियल एलपीजी आवंटित किया है। इसके तहत 5 किलो के सिलेंडर भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। हाल ही में 2700 से ज्यादा छापे और करीब 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

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