
पंचकूला.
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से आए गए संकट के बीच केंद्र के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का काम आरंभ कर दिया है। सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित उन शहरों के निगमायुक्त को निर्देश दिए हैं कि गैस कंपनियों के पीएनजी लाइन बिछाने के प्रस्ताव को 24 घंटे में पास कर जरूरी कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके अलावा पीएनजी लाइन बिछाने के लिए पहले से लंबित प्रस्तावों को डीम्ड परमिशन (अनुमति मान ली गई) की श्रेणी में डाल दिया जाए। उक्त निर्देश 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगे रहेंगे। इसके बाद समीक्षा कर अगले कदम को उठाया जाएगा।
मीथेस से बनी होती है पीएनजी
पीएनजी स्वच्छ और किफायती ईंधन है, जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। यह मुख्य रूप से मीथेन से बनी होती है और एलपीजी सिलिंडर के मुकाबले अधिक सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर ऊपर उड़ जाती है। पीएनजी कनेक्शनों की संख्या अभी तक सबसे अधिक गुरुग्राम में है। यहां पर कनेक्शनों की संख्या करीब ढाई लाख है। इसके बाद फरीदाबाद तथा सोनीपत और रेवाड़ी तथा अन्य शहर हैं।
गुरुग्राम के सुशांत लोक, सेक्टर पंद्रह तथा सेक्टर सत्रह और कुछ जगहों पर कई साल से प्रस्तावित है। रेवाड़ी के दो रिहायशी सेक्टर में यह सुविधा है। इसी तरह फरीदाबाद तथा अन्य शहरों के सीमित इलाकों तक यह सुविधा है। तीन माह के लिए सरकार ने गैस कंपनियों को टास्क दिया है कि इस सुविधा को हर शहर में साठ प्रतिशत की जाए। जिससे उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट किया जा सके।
11 नगर निगमों को सौंपा गया पत्र
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी 11 नगर निगमों को पत्र में यह भी कहा गया है कि गैस लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई करने वाली एजेंसी को सड़क मरम्मत के लिए रकम वहन करनी पड़ेगी। इसके लिए लाइन के सर्वे के बाद जो भी प्रोजेक्ट फाइल होगी उसमें गैस लाइन बिछाने वाली कंपनी को एक शपथ पत्र भी लगाना होगा। यह इसलिए कहा गया कि सड़क तोड़कर ऐसे ही डाल नहीं दी जाए जिससे आने-जाने में आमजन को परेशानी उठानी पड़े। यह सब नगर निगम को ही तय करना है।



