
नई दिल्ली
भारत के एमएसए फाइटर संग्राम सिंह अब अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे इलाके में पांच अप्रैल को फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो का मुकाबला करेंगे। इसी के साथ ही संग्राम पहले भारतीय एमएमए फाइटर होंगे जो अर्जेंटीना की धरती पर मुकाबले के लिए उतरेगा। इसस पहले उन्होंने जॉर्जिया और नीदरलैंड में मुकाबले खेलें हैं। मुकाबले के आयोजकों के अनुसार संग्राम की एमएमए की कला में जो आकर्षण है उससे अर्जेंटीना के लोगों में काफी उत्साह है। वहां के लोग यह भी जानने को उत्सुक हैं कि संग्राम किसी प्रकार यहां तक पहुंचे हैं। इसका कारण है कि वह 40 की उम्र के बाद इस क्षेत्र में उतरे हैं। उन्होंने भारत को इस खेल में पहचान दिलाई है।
पूर्व पेशेवर रेसलर से मिक्स्ड मार्शल आर्ट के फाइटर बने संग्राम ने कहा कि जब उन्होंने एमएमए की शुरुआत की तो हर किसी ने इस बात को लेकर हैरानगी जाहिर की थी कि वह कैसे सफल होंगे क्योंकि कुश्ती और एमएमए काफी अलग हैं हालांकि उन्हें भारोसा था कि अनुशासन, फिटनेस और योद्धा की तरह जुझारूपन से वह यहां भी सफल होंगे। इस मुकाबले के लिए संग्राम अपने कोच भूपेश कुमार और उनकी टीम की देखरेख में कड़ी तैयारी कर रहे हैं। टीम ने उनके ट्रांज़शिन, ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, फाइट जैसी कंडीशंस में ढलने और फिटनेस पर विशेष काम किया है, जिससे वह एक एलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।



