
गुरुग्राम.
नगर निगम गुरुग्राम की वित्त एवं संविदा समिति (एफएंडसीसी) ने शहर में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 171 करोड़ रुपये की लागत वाली 26 विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के तहत विभिन्न वार्डों में सड़क, पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइट से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।
इसके अलावा सदर बाजार में 235 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
सड़क, पानी और सीवर व्यवस्था पर होगा काम
मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई एफएंडसीसी की नौवीं बैठक में विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण एवं पुनर्निर्माण, पेयजल पाइपलाइन विस्तार, सीवर लाइन बिछाने, वर्षा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से कई क्षेत्रों में लंबे समय से बनी आधारभूत सुविधाओं की समस्याओं का समाधान होगा।
जलापूर्ति की निगरानी होगी हाईटेक
बैठक में नगर निगम के बूस्टिंग स्टेशनों पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्लो मीटर, स्काडा (SCADA) सिस्टम और आरटीयू (RTU) पैनल लगाने का भी निर्णय लिया गया। इन आधुनिक प्रणालियों के जरिए जलापूर्ति की रियल टाइम निगरानी संभव होगी और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी का जल्द पता लगाया जा सकेगा।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर
समिति ने सदर बाजार में 235 सीसीटीवी कैमरे लगाने, विभिन्न क्षेत्रों में एलईडी स्ट्रीट लाइट स्थापित करने और आपातकालीन जरूरतों के लिए रिजर्व स्टोर विकसित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। अधिकारियों के अनुसार इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और नगर निगम की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में भी सुधार आएगा।
इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ खांडसा, सेक्टर-10, सरस्वती एंक्लेव, मालिबू टाउन, तिगरा, सेक्टर-50, मोहम्मदपुर झाड़सा, दरबारीपुर, अर्जुन नगर, सिकंदरपुर, डूंडाहेड़ा, सिरहौल, सेक्टर-22ए, पालम विहार, सेक्टर-17ए, सेक्टर-17सी और साउथ सिटी-1 सहित कई क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा। इन इलाकों में सड़क, पेयजल, सीवर और ड्रेनेज से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे।
गुणवत्ता और समयसीमा का रखा जाएगा ध्यान
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि स्वीकृत सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि विकास कार्यों का लाभ जल्द से जल्द लोगों तक पहुंच सके।



