
पटना.
भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक सात अप्रैल को पटना में होगी। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को दी। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को त्वरित और पारदर्शी न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दाखिल-खारिज, अपील वाद, राजस्व वसूली और लैंड बैंक से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा से प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए लंबित मामलों के तेजी से निष्पादन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण जिन नए लोगों को चार्ज दिया गया है, उन्हें भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।
लोगों के कार्य की गति बढ़ाने का दिशा निर्देश देने के साथ–साथ कोई काम बाधित नहीं हो, इसकी तैयारी की जा रही है। सिन्हा ने निर्देश दिया है कि भूमि से जुड़े मामलों में निर्धारित प्राथमिकता का हर हाल में पालन किया जाए। अनुसूचित जाति, जनजाति, विधवा, सेना में कार्यरत या सेवानिवृत्त जवान, बाहर कार्यरत सुरक्षाकर्मियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मामलों का तुरंत निबटारा किया जाए।
विशेष श्रेणी के आवेदन को प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि फिफो व्यवस्था स्थगित है इसलिए विशेष श्रेणी के आवेदनों को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। आवश्यक होने पर उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देकर उनके प्रतिनिधि या अधिवक्ता के माध्यम से सुनवाई की व्यवस्था की जाए।
दिनभर होगा मंथन और मूल्यांकन
बताया जाता है कि पुराना सचिवालय में होनेवाली बैठक दिनभर चलेगी। पहले सत्र में प्रधान सचिव सीके अनिल वित्तीय वर्ष के कार्यों का मूल्यांकन करेंगे। दूसरे सत्र में तकनीकी और कौशल विकास पर मंथन होगा। इसमें कोर्ट केस लिखने का टेस्ट भी डीसीएलआर देंगे। इसका उद्देश्य आदेश की सटीकता परखना है। सभी डीसीएलआर को लैपटॉप, डोंगल और पांच कोर्ट केस के डिटेल के साथ आने का निर्देश दिया गया है।



