
भोपाल
भोपाल के अब्बास नगर से शुरू हुआ एक नेटवर्क अब होशंगाबाद रोड स्थित 'सागर रॉयल विला' तक फैल चुका था. दो सगी ब्यूटीशियन बहनों अमरीन उर्फ माहिरा और आफरीन पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ लड़कियों को देहव्यापार के दलदल में धकेला, बल्कि नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया.
न्यू मार्केट में कपड़े की दुकान पर काम करने वाली एक हिंदू युवती ने पुलिस को अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई. पीड़िता के मुताबिक, 8 जून 2024 में एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात संजना नाम की लड़की से हुई.
संजना ने ही उसे अमरीन से मिलवाया. अगस्त 2025 में अमरीन का दोस्त चंदन यादव (जो खुद कथित तौर पर धर्मांतरित है) पीड़िता को अपनी बहन के घर ले गया और नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया.
अमरीन और चंदन ने पीड़िता पर इस्लाम धर्म अपनाने और कुरान पढ़ने का दबाव बनाया. जांच में पता चला है कि गिरोह की एक अन्य सदस्य संजना ने भी धर्म परिवर्तन कर अपना नाम 'जन्नत' रख लिया था और अमरीन के भाई हैदर से शादी की थी.
पीड़िता को शॉट कपड़े पहनाकर क्लबों और पार्टियों में ले जाया जाता था. पीड़िता का आरोप है कि अमरीन के भाई बिलाल ने अब्बास नगर में और याशिर ने अहमदाबाद (गुजरात) ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए.
अब्बास नगर से सागर रॉयल विला तक का सफर
अब्बास नगर के रहवासियों ने इस गैंग के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. रहवासियों का कहना है कि अमरीन और आफरीन के घर पर देर रात लग्जरी कारों का तांता लगा रहता था. जींस-टॉप और शॉर्ट कपड़ों में युवतियों का आना-जाना आम था.
इलाका छोड़ने पर मजबूर
इलाके की बदनामी और अनैतिक गतिविधियों के विरोध के कारण कई परिवारों ने घर खाली कर दिए. बाद में लोगों के बढ़ते विरोध के कारण दोनों बहनें होशंगाबाद रोड के पॉश सागर रॉयल विला में शिफ्ट हो गईं, जहां उन्होंने फिर से यही नेटवर्क शुरू किया.
रिमांड और तलाश
बागसेवनिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्य आरोपी अमरीन और चंदन यादव को पुलिस ने 5 दिन की रिमांड पर लिया है. दूसरी बहन आफरीन को जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब यासिर, चानू और बिलाल की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िताओं के बयान के आधार रेप और धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज हुआ है, जिसके बाद पुलिस की एक टीम जांच के लिए अहमदाबाद गई. पुलिस की प्राथमिकता है कि यदि कोई और पीड़ित सामने आते हैं तो अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.पुलिस रिमांड पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. कड़ी से कड़ी सजा आरोपियों को दिलाई जाएगी.



