
लखनऊ
बकरीद (Bakrid 2026) से पहले उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) का सख्त बयान सामने आया है. राजधानी लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सड़कें आवागमन के लिए होती हैं, किसी भी व्यक्ति को उन्हें रोकने या सार्वजनिक रास्तों पर धार्मिक आयोजन करने का अधिकार नहीं है।
सीएम योगी ने कहा, ‘लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर नमाज नहीं होती? मैं कहता हूं बिल्कुल नहीं होती. सड़कें चलने के लिए हैं, कोई भी चौराहे पर आकर तमाशा नहीं बना सकता.’ उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के लिए निर्धारित स्थल हैं और वहीं पर आयोजन होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कुछ लोगों ने उनसे कहा कि नमाजियों की संख्या अधिक होने के कारण जगह कम पड़ती है, तो उन्होंने सुझाव दिया कि ‘शिफ्ट में नमाज पढ़ लीजिए.’ उन्होंने आगे कहा कि अगर व्यवस्था के साथ रहना है तो नियम-कानून का पालन करना होगा।
आपको बता दें कि सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए. प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं साहब आपके यहां यूपी में क्या सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? मैं कहता हूं कतई नहीं होती है. आप जा कर देख लो नहीं होती है. अरे सड़कें चलने के लिए है या कोई भी व्यक्ति आकर के चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा. क्या अधिकार है उसको सड़क रोकने का? आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है? जहां उसका स्थल होगा वहां जाकर करें।
बकौल सीएम योगी- 'उन लोगों ने मुझसे कहा साहब कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है. हमने कहा शिफ्ट में कर लो. तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो भाई संख्या नियंत्रित कर लो. और नहीं है सामर्थ्य क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाई जा रही है और यह चाहिए आपको कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो याद करना हम उन नियम और कानून को मानना शुरू करें।
सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि अगर तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो भाई अपनी जनसंख्या को ही नियंत्रित कर लो. अगर सामर्थ्य नहीं है तो क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ा रहे हो. अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो उन नियम और कानूनों को भी मानना शुरू करें. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि यूपी में कानून का राज होागा और हम इसे सबके लिए समान रूप से ही लागू करेंगे. नमाज पढ़नी जरूरी है तो आप लोग इसे शिफ्ट में पढ़िए. हम तो उसको रोकेंगे नहीं, लेकिन सड़क पर नहीं।
सीएम योगी ने साफ किया कि ‘सड़क चलने के लिए है. एक आम नागरिक के लिए, एक बीमार व्यक्ति के लिए, एक आम नागरिक के लिए, एक कामगार के लिए, एक कर्मचारी के लिए, एक सामान्य नागरिक के लिए, एक व्यापारी के लिए हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे. सरकार का नियम सार्वभौम है. सबके लिए समान रूप से लागू होता है।
इसके बाद वह और ज्यादा सख्त दिखे. उन्होंने यहां तक कह डाला कि ‘हम यूपी में सड़कों पर अराजकता नहीं फैलने देंगे. प्यार से मानेंगे तो ठीक बात है. अगर नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. हमारा काम है संवाद बनाना. आप संवाद से मानेंगे.. संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो. बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का काम किया था. देख लिया ताकत. इसलिए सरकार उन सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज होगा. कानून के राज को सबको समान रूप से लागू करेंगे. नमाज पढ़नी आवश्यक है. आप शिफ्ट में पढ़िए. हम उसको रोकेंगे नहीं. लेकिन सड़क पर नहीं. सड़क चलने के लिए एक आम नागरिक के लिए, एक बीमार व्यक्ति के लिए, एक आम नागरिक के लिए, एक कामगार के लिए, एक कर्मचारी के लिए, एक सामान्य नागरिक के लिए, एक व्यापारी के लिए हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे. सरकार का नियम सार्वभौम है. सबके लिए समान रूप से लागू होता है।
उन्होंने कहा है कि हमने सबको कहा हमने कहा भाई नहीं चलने देंगे. अराजकता नहीं सड़कों पर फैलने देंगे. प्यार से मानेंगे ठीक बात है. नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. हमारा काम है संवाद बनाना. आप संवाद से मानेंगे संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो. बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का कार्य किया. देख लिया ताकत. इसलिए सरकार उन सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती है।



