हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई या प्रशासन की मनमानी? लखनऊ में बड़ा विवाद

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को वकीलों के अवैध चैंबरों पर चला बुलडोजर बड़ा विवाद बन गया है. प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और विरोध कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज भी किया गया. इस घटना के बाद बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली है. वकीलों ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन” बताते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. ऐसे में आइए जानते हैं इस पूरे विवाद की कहानी…

दरअसल हाईकोर्ट ने कुछ अवैध चैंबरों को हटाने का निर्देश दिया था. जिसके बाद नगर निगम की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और चैंबर तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई. हालांकि इस दौरान वकीलों ने विरोध भी किया. जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने आदेश की आड़ में करीब 240 चैंबरों पर कार्रवाई कर दी. उनका कहना है कि जिन चैंबरों को चिन्हित किया गया था, उनमें कई वकीलों के चैंबर शामिल ही नहीं थे, बावजूद इसके उन्हें भी तोड़ दिया गया.

जहां 30 सालों से बैठ कर रहे थे काम, उसे ही तोड़ दिया गया
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कई वकीलों की तबीयत भी बिगड़ गई. कुछ अधिवक्ता जमीन पर बैठकर विरोध जताते रहे तो कुछ ने कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बहस की. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया. वकीलों का कहना है कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से वहीं बैठकर वकालत कर रहे हैं और अचानक इस तरह की कार्रवाई उनके रोजगार पर सीधा हमला है.

अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उन्हें वहां से हटाया जा रहा है तो पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी. वहीं प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी और उचित समाधान नहीं निकाला तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. वहीं प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है.

विवाद पर डीसीपी का आया बयान
मामले में डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित का भी बयान आया है. उनका कहना है कि सभी को नोटिस दिया जा चुका है. कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हो रही है. विरोध ऐसे कामों में होता है. हम तैयार है ऐसे कार्रवाई के लिए. कानून सब के लिए बराबर है.

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