
जबलपुर
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के मुताबिक 9 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू में SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू जारी है।
वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।चना मिलते ही SDRF और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और युद्ध स्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद दी जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों और मौसम की सतर्क निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापता लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।
सेना और स्पेशल टीमों ने संभाला मोर्चा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ अब राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी तैनात की गई हैं। आर्मी भी मौके पर मौजूद है। हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर रवाना किया गया है। कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।
क्रूज पायलट बोले- संभलने का मौका ही नहीं मिला
क्रूज के पायलट महेश ने बताया, 'सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।' महेश को 10 साल का अनुभव है।
खमरिया के एक परिवार के 15 लोग सवार थे
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वे किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे।
कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनके एक बेटे को बचा लिया गया। वहीं कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता है।
पर्यटन विभाग बोला- क्रूज 20 साल पुराना
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया, ‘बरगी डैम में फिलहाल एक क्रूज ऑपरेट किया जा रहा है। इसे 2006 में बनाया गया था। इसकी कैपेसिटी 60 यात्रियों की है। एक अन्य क्रूज खराब है।’
अब तक इन मृतकों की पहचान हुई
श्रीमती नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर
श्रीमती सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु
श्रीमती मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली
श्रीमती काकुलाझी (38), निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर
श्रीमती रेशमा सैयद (66)
शमीम नकवी (66)
मरिना मैसी पति प्रदीप मैसी (39)
त्रिशान पिता प्रदीप मैसी (4)
एक डेडबॉडी की पहचान की प्रक्रिया जारी है।



