कांग्रेस पर बरसे Nayab Singh Saini, बोले—पंचर तर्क देने वाले पार्किंग में ही नजर आते हैं

चंडीगढ़.

हरियाणा विधानसभा के आज बुलाए गए विशेष सत्र में कांग्रेस ने कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। कांग्रेस विधायकों की बैठक में सदन में शामिल न होने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद पार्टी ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करने और 'समांतर सदन' चलाने की घोषणा की है।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी के तमाम विधायकों के साथ विधानसभा की मीडिया गैलरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस आज की सदन की कार्यवाही का पूरी तरह से बायकॉट कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सदन में जिन विषयों को लेकर आ रही है, उनका विधानसभा से कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय हैं।

क्रॉस वोटिंग वाले विधायकों की सदन में मौजूदगी
कांग्रेस द्वारा बायकॉट के इस फैसले के बीच एक दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन कांग्रेस विधायक – रेणु वाला, जरनैल सिंह और शैली चौधरी – विधानसभा सदन में पहुंचे। वे कुछ देर वहां बैठे भी, लेकिन बाद में वापस चले गए। लेकिन फिर दोबारा आकर बैठ गए।

सदन में शोक प्रस्ताव और सरकार की प्रतिक्रिया
सदन के अंदर कार्यवाही जारी रही, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक प्रस्ताव पेश किया। सदन में यह शोक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। वहीं, कांग्रेस के इस रवैये पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जब देश हित की बात आती है, तो कांग्रेस अक्सर वॉकआउट करके बाहर चली जाती है।" मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर दिए बिना समाज का विकास अधूरा है। उन्होंने हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों में लिंगानुपात के 871 से बढ़कर 923 होने और महिलाओं की खेल में उपलब्धियों का जिक्र किया। साथ ही, 'लखपति दीदी', 'ड्रोन दीदी' योजनाओं और 33 महिला थानों के जरिए महिलाओं को सशक्त करने की बात कही। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत महिलाओं को 33% आरक्षण मिलना था, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध कर महिलाओं के प्रति अपना चेहरा उजागर किया है। आज के विशेष सत्र में भी विपक्ष ने वॉकआउट कर वैसा ही रवैया अपनाया, जैसा केंद्र में है। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की।

विधानसभा के बाहर पार्किंग में सदन चला रही कांग्रेस
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया है और विधानसभा परिसर की पार्किंग में ही 'समानांतर सदन' शुरू कर दिया है। पूर्व स्पीकर रघुवीर कादियान इस सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस समानांतर सदन में कांग्रेस विधायक महिला आरक्षण बिल 2023, एसवाईएल (SYL) और नशा जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। सदन की स्पीकर गैलरी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।

सरकार पर असंवैधानिक काम का आरोप
कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा ने सरकार पर संसदीय परंपराओं का मजाक बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठा रही है जो केंद्र के अधीन आते हैं। बतरा ने दावा किया कि महिला आरक्षण बिल का गिरना पहले से तय था क्योंकि सरकार के पास बहुमत नहीं था।
वहीं, विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि बीजेपी द्वारा लाया जा रहा निंदा प्रस्ताव उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और यह पूरी तरह से असंवैधानिक है, जिसके विरोध में कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार किया है।

बिल को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस किसी भी असंवैधानिक काम का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जो बिल 2023 में पास हो चुका है, सरकार उस पर अब क्यों झगड़ा कर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना जनगणना के संशोधन बिल लाकर इसे 10 साल तक लटकाना चाहती है। हुड्डा ने कहा कि अगर बीजेपी की नीयत ठीक है तो इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। राव नरेंद्र सिंह ने भी तर्क दिया कि अगर बीजेपी चाहे तो मौजूदा 543 विधायकों में से ही आरक्षण देकर कानून लागू कर सकती है, लेकिन उनकी नीयत ठीक नहीं है।

महिलाओं का सम्मान और कांग्रेस का इतिहास
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सम्मान कांग्रेस ने किया है। उन्होंने याद दिलाया कि देश की पहली महिला मुख्यमंत्री, महिला स्पीकर और राष्ट्रपति कांग्रेस ने ही बनाईं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सीटों में उलझाने की बजाय उन्हें उनका वाजिब हिस्सा मिलना चाहिए। हुड्डा ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि 1996 में देवगौड़ा सरकार के समय से ही वे बिल पर चर्चाओं का हिस्सा रहे हैं।

अन्य राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस की राय
सत्र के दौरान कांग्रेस ने अन्य मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जेजेपी को बीजेपी की 'बी-टीम' करार दिया। वहीं, ग्रुप डी के प्रमोशन के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा कि वे इसके खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर सरकार कौशल रोजगार निगम के जरिए लगे 1 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को नियमित करने का बिल लाएगी, तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। अंत में, कांग्रेस ने सदन से निष्कासित विधायकों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे बीजेपी के पक्ष में बोलना चाहते हैं, तो उन्हें इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए।

कांग्रेस से निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने क्या कहा?
कांग्रेस से निलंबित विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े निंदा प्रस्ताव के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस का इस प्रस्ताव का विरोध करना गलत है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पार्टी ऐसा क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सदन के बाहर चर्चा करने के बजाय अपनी बात सदन के भीतर रखनी चाहिए थी। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी को इस बिल का विरोध नहीं करना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि अब वे किस मुंह से महिलाओं से वोट मांगने जाएंगे। जरनैल सिंह ने स्पष्ट किया कि वे 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर आए निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हैं। अपने निलंबन के मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए जरनैल सिंह ने कहा कि उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ पूरी वफादारी से काम किया, लेकिन फिर भी उन्हें निलंबित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनका वोट देखा और उनके कहने पर ही उन्हें निलंबित किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें बीच में लटका कर छोड़ दिया है।

कांग्रेस में चल रही आंतरिक गुटबाजी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में एक नहीं, बल्कि कई रास्ते हैं; इसमें कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला के नाम शामिल हैं। जरनैल सिंह ने दावा किया कि दो दिन पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा में राहुल गांधी के आने पर उसमें शामिल नहीं होने की बात की थी। उन्होंने हरियाणा कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे कार्रवाई कर सकते हैं, तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर कार्रवाई करें। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हुड्डा राहुल गांधी को नेता नहीं मानते, तो क्या यह अनुशासनहीनता के दायरे में नहीं आता?

मुख्यमंत्री नायब सैनी का तीखा हमला
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिनके तर्क पंचर हो जाते हैं, वे अक्सर पार्किंग में ही मिलते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक विधानसभा के बाहर पार्किंग में 'डुप्लीकेट सदन' चला रहे हैं और विपक्ष केवल मीडिया में अपनी हाजरी लगवा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिन लोगों को जनता ने सदन में बहस के लिए भेजा था, वे अब पार्किंग में खड़े होकर परछाइयों से लड़ रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि कांग्रेस विधानमंडल में नहीं, बल्कि 'वाहन मंडल' यानी पार्किंग में लड़ रही है और देश-प्रदेश की जनता आज उनके इन कुकृत्यों को देख रही है। सदन में विधायक जरनैल सिंह के बयान का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि जरनैल सिंह ने माना है कि पार्टी की सोच बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हुड्डा साहब को इस बात का डर होगा कि कहीं और विधायकों के मन में भी यह बात न आ जाए। मुख्यमंत्री ने अंत में यह घोषणा की कि अब वे निंदा प्रस्ताव ला रहे हैं।

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