
पटियाला.
पंजाब सरकार की देखरेख में भाषा विभाग पंजाब द्वारा डायरेक्टर भाषा की देखरेख में तैयार किया गया ‘शब्दमाला एंड्रॉयड ऐप’ लॉन्च कर दिया गया है। डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने इस ऐप को जनता को समर्पित करने की रस्म निभाई। इस मौके पर विभाग के अधिकारी और ऐप बनाने वाली टीम मौजूद थी।
डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फर ने कहा कि ‘शब्दमाला’ एक मॉडर्न डिक्शनरी प्लेटफॉर्म है जिसके ज़रिए शब्द खोजने वाले अलग-अलग डिक्शनरी से शब्दों के मतलब ऑनलाइन खोज सकते हैं। अब इस मोबाइल ऐप के ज़रिए शब्दों के मतलब खोजने का प्रोसेस और भी आसान हो गया है और यूज़र अपने फ़ोन के ज़रिए कहीं भी, कभी भी किसी भी शब्द का मतलब खोज पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस ऐप को तैयार करने का काम 2023 में डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला की लीडरशिप में डिपार्टमेंट की टीम ने शुरू किया था और सितंबर 2024 में इसे वेब प्लेटफॉर्म के तौर पर लॉन्च किया गया था। अब यह ऐप के रूप में एक और अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। अभी ऐप में पोतोहारी डिक्शनरी, किसा एंथोलॉजी डिक्शनरी, डोगरी-पंजाबी डिक्शनरी, इंग्लिश-पंजाबी मिडिल डिक्शनरी, पंजाबी अखान डिक्शनरी, इडियम डिक्शनरी और वारिस इडियम डिक्शनरी मौजूद हैं।
जाफर ने कहा कि मशीन इंटेलिजेंस (AI) के ज़माने में हर भाषा को अप टू डेट बनाने के लिए ऐसी कोशिशें ज़रूरी हो गई हैं। यह ऐप पंजाबी भाषा को सात समंदर पार की भाषा बनाने में अपना योगदान दे सकता है। डिप्टी डायरेक्टर आलोक चावला ने बताया कि इसके अलावा हिंदू माइथोलॉजी डिक्शनरी और पुआधी डिक्शनरी पर भी काम चल रहा है, जो जल्द ही ऐप पर उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके अलावा आने वाले समय में डिपार्टमेंट की ग्लॉसरी भी इस ऐप पर उपलब्ध कराई जाएंगी और एक-एक करके 40 से ज़्यादा डिक्शनरी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगी। इस मौके पर असिस्टेंट डायरेक्टर अमरिंदर सिंह भी मौजूद थे।
इनका अहम योगदान
यह प्रोजेक्ट आलोक चावला, डिप्टी डायरेक्टर (डिक्शनरी) की देखरेख में तैयार किया गया है। इसमें एडिटोरियल का काम सतपाल सिंह, रिसर्च ऑफिसर (डिक्शनरी) ने किया है और डिक्शनरी सॉफ्टवेयर तैयार करने का क्रेडिट महेशिंदर सिंह खोसला, रिसर्च असिस्टेंट को जाता है। राजिंदर कौर सीनियर असिस्टेंट, मनजीत सिंह स्पाल सीनियर असिस्टेंट, दीपक कुमार जूनियर असिस्टेंट, बीबा किरणजीत कौर जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर, राखी क्लर्क, विश्वजोत कौर प्रूफ रीडर, कॉपी होल्डर गुरबख्श सिंह और मनवीर सिंह ने डिक्शनरी को यूनिकोड में बदलने और सॉफ्टवेयर को ऑप्टिमाइज़ करने के काम में अहम योगदान दिया।



