जानापाव में बनेगा भव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा

जानापाव में बनेगा भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के लिए करेंगे मंगल कामना

महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित अनूठी प्रदर्शनी का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘परशुराम प्रकटोत्सव’ में होंगे शामिल

जानापाव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान परशुराम की जन्म स्थली जानापाव में भव्य और दिव्य श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक विकसित किया जा रहा है। इसकी लागत 17.41 करोड़ रूपये है। भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और संदेश को आमजन तक पहुंचाने के लिये श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

19 अप्रैल को भगवान परशुराम की पावन जन्मस्थली जानापाव (महू) में आयोजित 'परशुराम प्रकटोत्सव' में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के लिए मंगल कामना करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जानापाव की महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्रों और चक्रव्यूह की कला पर आधारित अनूठी प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। वे स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भी सम्मिलित होंगे।

संस्कृति विभाग और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा आयोजित भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के भव्य समारोह में कला और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में विख्यात गायक सवई भट्ट एवं उनके दल द्वारा मनमोहक भक्ति गायन प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, पंडित विजय शंकर मेहता द्वारा रचित और वीरेंद्र कुमार के निर्देशन में 'परशुराम नाट्य लीला' का सजीव मंचन भी होगा, जो भगवान परशुराम के विराट व्यक्तित्व को उजागर करेगा। कार्यक्रम में प्रवेश पूर्णतः नि:शुल्क रहेगा।

भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक में भगवान श्रीपरशुराम और श्रीकृष्ण की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जायेंगी। जानापाव में पत्थर एवं धातु से निर्मित 30 फीट ऊँचा भव्य द्वार निर्मित किया जायेगा। कथा और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिये कथा मंच का निर्माण किया जायेगा। लोक के प्रांगण में 4 गजीबो, व्यू पाइंट, लैंड स्केपिंग, पाथ-वे और अन्य विकास कार्य भी किये जायेंगे। भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण लोक में एक भव्य संग्रहालय बनेगा, जो भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन पर आधारित होकर पौराणिक महत्व को प्रदर्शित करेगा। लोक में 5 दीर्घाएं होंगी। इसमें शस्त्र दीर्घा, उत्पत्ति दीर्घा, स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा एवं ध्यानदीर्घा होंगी। इनमें भगवान श्रीपरशुराम-श्रीकृष्ण की विभिन्न कलाओं को दर्शाया जायेगा।

 

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