
गाज़ियाबाद
गाजियाबाद जिले की 385 फैक्टरियों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं पर इस साल लगाम लगेगी। फैक्टरियों से निकलने वाले धुएं में सूक्ष्म कणों (पार्टिकुलेट मैटर) की मात्रा 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से 50 तक लाना होगा। इसके लिए 30 सितंबर तक की समयसीमा तय की गई है।
जिले के लोनी, ट्रोनिका सिटी और साहिबाबाद समेत एक दर्जन से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों में लंबे समय से फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का बड़ा कारण रहा है। सर्दियों में तापमान गिरने के साथ यही धुआं स्मॉग में बदलकर स्थिति को और गंभीर बना देता है। इस साल बिगड़े हालातों को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने निर्णय लिया था कि अब प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों के धुएं में पीएम की मात्रा को 80 से 50 करना है।
सभी चिह्नित फैक्टरियों को नोटिस भेजे जा रहे
जिले में रेड और येलो जोन वाली ऐसी 385 फैक्टरी हैं, जिनसे प्रदूषण फैलता है। इन फैक्टरियों को धुएं में 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक सूक्ष्म कण छोड़ने की अनुमति थी, जिसे अब घटाकर 50 कर दिया गया है। यानी धुएं में मौजूद महीन कणों को करीब 35 से 40 फीसदी तक कम करना होगा। यही कण सांस के जरिए शरीर में जाकर फेफड़ों और हृदय से जुड़ी बीमारियों का कारण बनते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए सभी चिह्नित फैक्टरियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
इकाइयों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी
सभी फैक्टरियों में ऑनलाइन सतत निगरानी प्रणाली लगाने के पहले से निर्देश हैं। ऐसा न करने वाली 55 इकाईयों को बीते दिनों सील भी किया गया था। इसी प्रणाली से नए मानकों का उल्लंघन भी सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को पता चल जाएगा। 30 सितंबर तक नए मानकों का पालन न हुआ तो एक अक्तूबर से सतत निगरानी प्रणाली के ही जरिए उल्लंघन करने वाली फैक्टरियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
मैदान में 16 टीमें उतारी गईं
सीएक्यूएम ने जिले में नए मानकों को लागू कराने के लिए 16 टीमें उतारी हैं। ये टीमें चिह्नित फैक्टरियों में जाएंगी और चिमनी का निरीक्षण कर उद्यमियों को बताएंगी कि धुएं में पीएम की मात्रा कैसे घटाई जाए। हर फैक्टरी का उत्पादन अलग होता है और उसी के अनुसार धुएं की प्रकृति भी बदलती है। ऐसे में एक ही समाधान सभी पर लागू नहीं किया जा सकता। टीमें फैक्टरी के काम का आकलन कर उसी हिसाब से सुधार के सुझाव दे रही हैं।
अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी, ''सीएक्यूएम के निर्देश पर फैक्टरियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं कि धुएं में पीएम की मात्रा 50 तक लाने की प्रक्रिया शुरू कर दें। पालन न करने वाली इकाइयों को एक अक्टूबर से बंद कराया जाएगा।''



