
गुरुग्राम
गुरुग्राम और नूंह प्रशासन मिलकर हसनपुर गांव में 100 एकड़ जमीन पर हरियाणा का पहला 'गौ अभ्यारण्य' बनाने जा रहे हैं। यहां न सिर्फ बेसहारा पशुओं को रखा जाएगा, बल्कि बीमार गायों के लिए अस्पताल और देसी नस्लों के लिए जीन बैंक भी बनेगा। इससे शहरों में ट्रैफिक जाम और हादसों से राहत मिलेगी।
गुरुग्राम-नूंह सीमा पर 100 एकड़ में बनेगा राज्य का पहला गौ अभ्यारण्य, 10 हजार गोवंश को मिलेगा आशियाना
गुरुग्राम नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने मिलकर नूंह जिले के तावडू के हसनपुर गांव में हरियाणा का पहला गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के महानिदेशक के पास आखिरी मंजूरी के लिए भेजा गया है।
सड़कों पर लावारिस घूम रहे पशुओं को सीधे इस अभ्यारण्य में भेजा जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और हादसों पर लगाम लगेगी। नगर निगम ने इस संबंध में नूंह के जिला उपायुक्त से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। बता दें कि शहर में दस हजार से अधिक पशु सड़कों पर खुले में घूम रहे हैं।
निगम के पास जो गौशालाएं हैं उनमें अब मवेशियों को रखने की जगह नहीं है। नगर निगम और जीएमडीए की इस योजना से मानेसर, गुरुग्राम, सोहना और नूंह के लोगों को सड़कों पर खुले में घूम रहे पशुओं से राहत मिलेगी।
ग्राम पंचायत ने जमीन देने के लिए प्रस्ताव पास किया
इस परियोजना के लिए हसनपुर गांव में लगभग सौ एकड़ पंचायत की जमीन को चिन्हित किया गया है। सरकारी राजस्व दस्तावेजों में यह जमीन पहले से ही गायों के चरने वाली जगह के रूप में दर्ज है। हसनपुर ग्राम पंचायत ने साल 2023 में ही अपनी जमीन देने का विशेष प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया था। नगर निगम आयुक्त और विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों में यह बात सामने आई थी कि शहरों में बेसहारा पशु कूड़ा और प्लास्टिक खाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी अकाल मृत्यु हो रही है।
खाली जमीन पर अवैध कब्जों पर रोक लगेगी
नूंह के उपायुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी दस्तावेजों में दर्ज गायों के चरने वाली ऐसी सभी खाली जमीनों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए। ऐसा करने से एक तरफ बेसहारा पशुओं को रहने के लिए एक सुरक्षित जगह मिल जाएगी। जमीन पर होने वाले अवैध कब्जों, अतिक्रमणों पर भी प्रभावी रूप से पूरी तरह लगाम लग सकेगी।
पशु अस्पताल भी बनेगा
गौ अभ्यारण्य में विशेष रूप से भारत की देसी गायों को बचाने और उनके जीन बैंक को सुरक्षित रखने पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रशासन इस जगह को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विकसित करेगा। पूरी जगह को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। बीमार पशुओं के बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल बनाया जाएगा। चारदीवारी, पीने के पानी की पक्की व्यवस्था और अलग-अलग उम्र के गोवंश के लिए अलग बाड़े भी बनाए जाएंगे।
गुरुग्राम और मानेसर निगम रखरखाव करेंगे
इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार से 25 करोड़ रुपये की शुरुआती धनराशि की मांग की गई है। इसके जाने के बाद इसके नियमित रखरखाव और संचालन का पूरा खर्च गुरुग्राम और मानेसर निगम मिलकर वहन करेंगे। हसनपुर गांव की पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि इस अभ्यारण्य में पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों में स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जाए। सरकार भी ऐसी पंचायतों की तारीफ कर रही है जो गायों के लिए जमीन दान कर रही हैं।
प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम, ''नूंह के गांव हसनपुर में गौ अभ्यारण्य तैयार करने की योजना है। इसको लेकर प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है।''



