
आज पूरे देश में जन्माष्टमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसी कारण यह दिन भक्तों के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है।
मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है। जगह-जगह झांकियां निकाली जा रही हैं और श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों को प्रदर्शित किया जा रहा है। रात बारह बजे कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन होगा, जहां भक्तजन मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन के बीच भगवान का अभिषेक करेंगे।
वृंदावन, मथुरा और द्वारका में उत्सव का विशेष महत्व है। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार जन्माष्टमी पर मंदिरों और शहरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। वहीं, मुंबई और गुजरात में दही-हांडी की परंपरा भी धूमधाम से निभाई जाएगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीकृष्ण का जन्म अन्याय और अधर्म को समाप्त कर धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। इस दिन उपवास रखने, झूला सजाने और कृष्ण की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
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