दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने बढ़ाया भारत का मान, कोकिला को रजत और कपिल परमार को कांस्य पदक

नई दिल्ली
भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए. कोकिला ने महिलाओं की जे2 कैटेगरी के 52 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि कपिल परमार ने पुरुषों की जे1 कैटेगरी के 70 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया.

हरियाणा के जींद जिले के कसून गांव की रहने वाली कोकिला को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक क्यजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. किर्गिस्तान की खिलाड़ी ने महज 21 सेकंड में इप्पोन हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. जूडो में इप्पोन सबसे बड़ा स्कोर होता है, जिससे मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है.

कपिल परमार ने ब्रॉन्ज के लिए जीता मुकाबला
पिछले एशियन पैरा गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले कपिल परमार इस बार गोल्ड की उम्मीद लेकर उतरे थे. हालांकि, सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ उन्हें 0-1 से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ रफली शिदकी को 1-0 से हराया. कपिल ने इप्पोन के जरिए यह जीत हासिल की. मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला.

मेडल जीतने के बाद कपिल भावुक हो गए. उन्होंने कहा, 'मैं यहां गोल्ड जीतने के इरादे से आया था, लेकिन ब्रॉन्ज के साथ संतोष करना पड़ा. गोल्ड के मामले में आज किस्मत ने साथ नहीं दिया, लेकिन मैं इस ब्रॉन्ज के लिए आभारी हूं. मैंने बहुत मेहनत की है और लंबे समय बाद यह मेरा पहला मेडल है.'

कपिल की मां की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है. ऐसे में यह पदक उनके लिए भावनात्मक रूप से भी काफी मायने रखता है.

कपिल ने 2024 पेरिस पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. वह 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल भी अपने नाम कर चुके हैं.

कोकिला ने सेमीफाइनल में चीन की खिलाड़ी को हराया
कोकिला ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में चीन की यी लियू को 1-0 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी. इस मुकाबले में उन्होंने एक वाजा-आरी और एक युको स्कोर किया, जबकि उनकी चीनी प्रतिद्वंद्वी एक वाजा-आरी ही हासिल कर सकीं.

कोकिला ने 2023 में हुए पिछले एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इस बार उन्होंने 52 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया. वह 2024 पेरिस पैरालंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. इसके अलावा, उन्होंने इस साल अस्ताना में आयोजित जूडो ग्रां प्री में सिल्वर मेडल समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं.

क्या है जे1 और जे2 कैटेगरी?
दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए जूडो में जे1 और जे2 वर्ग होते हैं. जे1 वर्ग में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जो पूरी तरह दृष्टिहीन भी हो सकते हैं, जबकि जे2 वर्ग के खिलाड़ियों में दृष्टिबाधिता होने के बावजूद आम तौर पर जे1 खिलाड़ियों की तुलना में अधिक कार्यात्मक दृष्टि बची रहती है.

 

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