केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर! 8वें वेतन आयोग ने शुरू की बेनिफिट्स और सुविधाओं की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया

नई दिल्ली

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले अलग-अलग बेनिफिट्स एंड फैसिलिटीज की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग अब इन बेनिफिट्स से रिलेटेड जानकारी का स्टडी करेगा, ताकि कर्मचारियों के सैलरी, अलाउंसेस और अन्य सर्विस बेनिफिट्स की रिव्यू की जा सके।

फाइनेंसियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब आयोग ने सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉयी ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम (CGEGIS) से जुड़ी जानकारी मांगी है। सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) ने 1 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया है। इसमें मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (MoHUA) के तहत आने वाले डिपार्टमेंट्स एंड ऑफिसेज से सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम यानी CGEGIS से जुड़ा डेटा मांगा गया है। बता दें कि यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम है, जिसमें इंश्योरेंस कवर के साथ सेविंग्स का प्रोविजन भी होता है।

दिए गए हैं निर्देश
CPWD ने रिलेटेड ऑफिसेज से कहा है कि वे तय फॉर्मेट यानी एनेक्सचर-एम (Annexure-M) में यह जानकारी उपलब्ध कराएं। इसके लिए संबंधित SDG और ADG को निर्देश दिए गए हैं और जानकारी 9 अक्टूबर तक CPWD को भेजनी है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि CGEGIS के तहत मिलने वाले लाभ में कोई बदलाव या बढ़ोतरी कर दी गई है। फिलहाल यह सिर्फ जानकारी जुटाने की प्रक्रिया है।

नवंबर 2025 में बना था 8वां वेतन आयोग
बता दें कि 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में बनाया था। इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग में प्रो. पुलक घोष पार्ट-टाइम मेंबर और पंकज जैन मेंबर-सेक्रेटरी हैं। आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, अलाउंसेस, रिटायरमेंट बेनिफिट्स और दूसरी सर्विस कंडीशंस की रिव्यू कर सरकार को अपनी सिफारिशें देनी हैं।

सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 15 जून थी
वेतन आयोग पहले ही कर्मचारियों, पेंशनरों, कर्मचारी संगठनों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से सुझाव ले चुका है। सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 तक बढ़ाई गई थी। अब आयोग अलग-अलग विभागों से जरूरी आंकड़े जुटाने के साथ जमीनी स्तर पर भी बातचीत कर रहा है। आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई में भी बैठकें प्रस्तावित हैं।

ऐसे में CGEGIS से जुड़ी जानकारी मांगा जाना कर्मचारियों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह सरकारी सेवा से जुड़े लाभों में शामिल है और अब इसकी जानकारी भी 8वें वेतन आयोग के स्टडी का हिस्सा बन रही है। हालांकि, अभी इससे CGEGIS में किसी बदलाव, ज्यादा इंश्योरेंस कवर या एडिशनल बेनिफिट्स की घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल इसे 8वें वेतन आयोग की चल रही डेटा जुटाने और रिव्यू प्रोसेस के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button