कोर्ट ने विवाह पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि शादी का रजिस्ट्रेशन करने से पहले उम्र की जांच करें

प्रयागराज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में नाबालिगों की शादी का रजिस्ट्रेशन होने पर गहरी चिंता जताई है। अदालत ने राज्य के सभी विवाह पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि शादी का रजिस्ट्रेशन करने से पहले दूल्हा और दुल्हन की उम्र की जांच की जाए। यह निर्देश गाजियाबाद में नाबालिग लड़की की शादी का रजिस्ट्रेशन होने के मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। जस्टिस तेज प्रताप तिवारी ने कहा कि नाबालिगों की शादी के रजिस्ट्रेशन के मामले सिर्फ कभी-कभार सामने नहीं आ रहे हैं, बल्कि ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं।

हाई कोर्ट ने साफ किया कि शादी के दिन अगर दूल्हा या दुल्हन में से कोई भी कानून के मुताबिक नाबालिग है, तो उस शादी का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता। इसके लिए अधिकारियों को दोनों की उम्र की जांच भरोसेमंद दस्तावेजों और तय प्रक्रिया के तहत करनी होगी। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र का लड़का नाबालिग माना जाता है।

हाई कोर्ट का सख्त निर्देश
अदालत ने कहा कि अगर दस्तावेजों से पता चलता है कि दोनों में से कोई तय उम्र से कम है, तो आवेदन को सामान्य रजिस्ट्रेशन की तरह नहीं लिया जाए। ऐसे मामले की जानकारी तुरंत बाल विवाह निषेध अधिकारी और संबंधित जिले के सक्षम अधिकारी को दी जाए, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। मामला उस समय सामने आया जब एक व्यक्ति ने पॉक्सो कानून के तहत दर्ज मामले में हाई कोर्ट का रुख किया। आरोपी के वकील ने दावा किया कि लड़की बालिग थी और उसने अपनी मर्जी से शादी की थी। शादी के बाद उसका रजिस्ट्रेशन भी हुआ और प्रमाणपत्र जारी किया गया।

राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कहा गया कि ट्रायल कोर्ट लड़की को नाबालिग मान चुका है। सरकार ने यह भी कहा कि उम्र छिपाकर हासिल किए गए शादी के प्रमाणपत्र से लड़की के बालिग होने की पुष्टि नहीं होती। हाई कोर्ट ने संबंधित विवाह पंजीकरण अधिकारी को तलब कर पूछा कि नाबालिग लड़की की शादी का रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ। अधिकारी ने कहा कि उसने पिछले प्रभारी अधिकारी से कार्यभार संभाला था और उसे इस रजिस्ट्रेशन की जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने इस जवाब को गंभीर चिंता का विषय बताया। अदालत ने कहा कि विभागीय निर्देशों में पहले से ही दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि की जांच जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button