जोधपुर में पंचायत चुनाव से पहले 20 करोड़ के 100 विकास कार्यों को हरी झंडी

जोधपुर
 नगरीय निकाय चुनाव के बाद पंचायत राज चुनावों की तैयारियां तेज होने के साथ ही पंचायती राज विभाग अंतिम समय में विकास कार्यों को जमीन पर उतारने में जुट गया है। संभावित आचार संहिता लागू होने से पहले विभाग ने प्रदेशभर में 2800 से अधिक विकास कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। इनमें जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 100 से ज्यादा कार्य शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब 20 करोड़ रुपए है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश कार्यों में गांवों में ट्यूबवेल निर्माण, पेयजल पाइपलाइन विस्तार, टिन शेड निर्माण, सामुदायिक सुविधाओं का विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े काम शामिल हैं। लक्ष्य है कि अगले 20 दिन से एक माह के भीतर सभी कार्यों का शिलान्यास और निर्माण शुरू करा दिया जाए, ताकि पंचायत राज चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद इन पर रोक का असर न पड़े।

चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं ने पकड़ी रफ्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में केवल पंचायती राज विभाग ही नहीं, बल्कि वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट भी जल संरक्षण और जलापूर्ति से जुड़े कई निर्माण कार्यों की प्रक्रिया तेज कर रहा है। इससे चुनाव से पहले गांवों में विकास परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन कार्यों के टेंडर और वर्क ऑर्डर समय रहते जारी हो जाएंगे, उन्हें नियमानुसार आगे बढ़ाया जा सकेगा। यही कारण है कि विभाग इन दिनों स्वीकृत परियोजनाओं की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर रहा है।

जोधपुर में प्रस्तावित प्रमुख कार्य
जोधपुर जिले में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से 100 विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ट्यूबवेल और पाइपलाइन विस्तार के काम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा गांवों में टिन शेड का निर्माण कराया जाएगा। सामुदायिक स्तर पर जरूरी आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। विभाग की ओर से इन कार्यों की प्रक्रिया तेज की जा रही है, ताकि आचार संहिता लागू होने से पहले टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराए जा सकें।

इसलिए जल्दबाजी
निकाय चुनाव के बाद अब सरकार और विभाग का फोकस पंचायत राज चुनावों की तैयारियों पर है। माना जा रहा है कि अगले 20 से 30 दिनों में संभावित आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में विकास कार्यों को मंजूरी देने, टेंडर जारी करने और वर्क ऑर्डर देने का काम तेजी से किया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि आचार संहिता लागू होने से पहले अधिक से अधिक कामों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद निर्माण कार्यों को मौके पर शुरू कराने पर जोर रहेगा, ताकि स्वीकृत विकास कार्यों में देरी न हो और समय पर धरातल पर काम दिखाई दे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button