Ambala Solar System: 9614 घरों में लगेगा सोलर सिस्टम, 6891 से ज्यादा छतों पर स्थापित हुए पैनल

अंबाला.

बिजली की बढ़ती मांग और परंपरागत ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में अंबाला तेजी से सौर ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में अब तक 6,891 घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा चुके हैं।

जिले को 9,614 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इस तरह अंबाला अपने लक्ष्य का 71.68 प्रतिशत हासिल कर चुका है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीन आने वाले जिलों में अंबाला रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में दूसरे स्थान पर है। अंबाला से आगे कुरुक्षेत्र है। वहां 8,495 के लक्ष्य के मुकाबले 7,130 सौर कनेक्शन लगाए जा चुके हैं और लक्ष्य की 83.93 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। वहीं अंबाला में 6,891 कनेक्शन के साथ 71.68 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ है। उत्तर हरियाणा के 10 जिलों में योजना के तहत एक लाख घरेलू रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य 31 मार्च 2027 तक रखा गया है। इनमें से 51,940 सिस्टम लगाए जा चुके हैं, यानी क्षेत्र ने करीब 52 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।

सब्सिडी ने बढ़ाया लोगों का रुझान
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सौर संयंत्र की क्षमता के अनुसार केंद्रीय सहायता मिलती है। एक किलोवाट संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक केंद्रीय सब्सिडी उपलब्ध है। इसके अलावा हरियाणा सरकार की ओर से पात्र परिवारों को अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही है।

हरियाणा में 2.20 लाख सोलर सिस्टम का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 2.20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा है। जून 2026 में प्रदेश में करीब 86 हजार सिस्टम लगाए जाने की जानकारी सरकार ने दी थी। राष्ट्रीय स्तर पर भी सौर ऊर्जा का विस्तार तेजी से हो रहा है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार 30 जून 2026 तक देश में 1,62,152 मेगावाट सौर विद्युत क्षमता स्थापित हो चुकी थी। इसमें करीब 30,110 मेगावाट रूफटॉप सौर क्षमता शामिल है। अक्षय ऊर्जा दिवस पर अंबाला के ये आंकड़े बताते हैं कि घरों की छतें अब केवल मकानों का हिस्सा नहीं रह गई हैं, बल्कि बिजली उत्पादन का माध्यम भी बन रही हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button