जमुई, नालंदा समेत चार जिलों में खुलेंगे आवासीय विद्यालय, 288 शिक्षकों की होगी नियुक्ति

पटना
राज्य के चार नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। जमुई, नालंदा, कैमूर और मुजफ्फरपुर में विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन विद्यालयों में 17 अगस्त से शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ कर दी जाएंगी।

यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मो. जमा खान ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में प्रेस वार्ता में दी। इस दौरान सचिव मो. सोहेल, विशेष सचिव डॉ. आमिर आफाक अहमद फैजी, अवर सचिव इबरार अहमद खान समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

उन्होंने बताया कि विभाग ने राज्य के प्रत्येक जिले में एक अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

वर्तमान में दरभंगा, किशनगंज, पूर्णिया, मधुबनी, गया, जमुई, नालंदा, कैमूर, कटिहार, बेगूसराय, पश्चिम चंपारण (बेतिया), सुपौल, मुजफ्फरपुर, मधेपुरा, पटना, सहरसा, मुंगेर, सीवान, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), भागलपुर, अररिया, गोपालगंज, रोहतास एवं बक्सर सहित 24 जिलों में विद्यालय निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है।

इनमें दरभंगा और किशनगंज में स्थित विद्यालय पहले से संचालित हैं। इन आवासीय विद्यालयों में शीघ्र ही ऑनलाइन कक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टीआरई-4 के माध्यम से 288 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी गई है।

वर्तमान में 13 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए 481 शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं। इसके अलावा आयोग के माध्यम से एक जिला कल्याण पदाधिकारी तथा 459 प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए भी आयोग को अधियाचना भेजी गई है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button