गुरुग्राम को मिलेगी बड़ी राहत, WTP विस्तार से 100 MLD बढ़ेगी पेयजल क्षमता

गुरुग्राम.

साइबर सिटी की बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) बसई जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) का बड़ा विस्तार करेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में 149 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत सौ एमएलडी क्षमता की नई फिल्ट्रेशन यूनिट और 300-300 मिलियन लीटर क्षमता के दो अवसादन-सह-भंडारण टैंक बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने पर बसई जलघर की शोधन क्षमता 270 एमएलडी से बढ़कर 370 एमएलडी हो जाएगी, जबकि जल भंडारण क्षमता में 600 मिलियन लीटर की बढ़ोतरी होगी। नई यूनिट के लिए जीएमडीए के पास बसई में 77 एकड़ जमीन उपलब्ध है।

600 मिलियन लीटर बढ़ेगी जल भंडारण क्षमता
परियोजना के तहत दो नए भंडारण टैंक बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता 300-300 मिलियन लीटर होगी। इसके अलावा कच्चे पानी की नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी और आधुनिक ऑटोमेशन व मानीटरिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इन कार्यों से जल शोधन प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

अंतिम छोर के क्षेत्रों को मिलेगा बेहतर जलापूर्ति लाभ
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि नई फिल्ट्रेशन यूनिट शुरू होने के बाद शहर के मौजूदा और विकसित हो रहे सेक्टरों की बढ़ती पेयजल मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता के कारण पीक डिमांड और रखरखाव के दौरान भी जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी। साथ ही सप्लाई नेटवर्क के अंतिम छोर (टेल एंड) तक भी बेहतर पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

670 एमएलडी पेयजल की हो रही है आपूर्ति
वर्तमान में जीएमडीए बसई और चंदू बुढ़ेड़ा जल शोधन संयंत्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 670 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति कर रहा है। बसई जलघर में फिलहाल तीन फिल्ट्रेशन यूनिट संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 270 एमएलडी और जल भंडारण क्षमता लगभग 1,385 मिलियन लीटर है। वहीं चंदू बुढ़ेड़ा जलघर में चार फिल्ट्रेशन यूनिट संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 400 एमएलडी तथा भंडारण क्षमता करीब 1,615 मिलियन लीटर है।

दो हजार मिलियन लीटर के करीब होगी भंडारण क्षमता
नई परियोजना पूरी होने के बाद बसई जलघर की जल शोधन क्षमता 370 एमएलडी तक पहुंच जाएगी, जबकि जल भंडारण क्षमता बढ़कर लगभग दो हजार मिलियन लीटर हो जाएगी। इससे गुरुग्राम के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र की दीर्घकालिक पेयजल जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने कहा कि गुरुग्राम के तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए पेयजल शोधन और भंडारण क्षमता का लगातार विस्तार किया जा रहा है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए जा रहे हैं।

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