बछड़े को बचाने की कोशिश बनी जानलेवा, हरियाणा में कुएं में उतरे 4 लोगों की मौत

झज्जर.

गांव मुनीमपुर के बीचों-बीच स्थित करीब 150 साल पुराने कुएं में रविवार रात गिरे एक बछड़े को बचाने के प्रयास में चार लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीण नाराज हैं। डीसी और एडीसी गांव में पंचायत के बीच पहुंचे है, एसडीएम पहले से मौके पर है। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

मृतकों में दो स्थानीय ग्रामीण और एक बिहार का श्रमिक शामिल है। 50 साल से बंद पड़े पियाऊ वाले इस कुएं में बछड़े सहित कुल चार जिंदगियां खत्म हो गईं। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और तनाव की स्थिति बनी हुई है। मृतकों की पहचान मुनीमपुर निवासी दलबीर पुत्र फूल सिंह, मोनू पुत्र राजबीर और बिहार के श्रमिक रामू पुत्र रामदुलारे के रूप में हुई है। वहीं, कुएं में उतरे नरेंद्र पुत्र सत्यवान की हालत गंभीर है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

हादसे का घटनाक्रम और मौत के कारण पर सवाल
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच की है। गांव की चौपाल और मंदिर के साथ लगते इस कुएं से कुछ ही दूरी पर दलबीर, नरेंद्र, मोनू और रामू बैठकर हुक्का पी रहे थे। इसी दौरान एक भागता हुआ बछड़ा अचानक कुएं में जा गिरा। यह देखते ही चारों लोग बछड़े को बचाने के लिए कुएं की ओर दौड़े और एक के बाद एक कुएं में उतरते चले गए। अब हादसे में सबसे बड़ा

सवाल यही बना हुआ है कि आखिर यह दर्दनाक हादसा किस वजह से हुआ?
क्या कुएं में पानी बहुत अधिक गहरा था जिसमें डूबने से मौत हुई, या फिर 50 साल से बंद होने के कारण कुएं के अंदर कोई जहरीली गैस बन चुकी थी, जिसने उन्हें संभलने का मौका ही नहीं दिया? मौत का सटीक कारण फिलहाल पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विषय बना हुआ है।

रोशनी के लिए ट्रैक्टर किए गए चालू, दो घंटे चला रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। रात के अंधेरे में रेस्क्यू आपरेशन चलाने के लिए गांव वालों ने कई ट्रैक्टर चालू करके रोशनी का प्रबंध किया। हालात को देखते हुए फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। कुएं की स्थिति ऐसी थी कि बिना मुंडेर तोड़े बचाव कार्य संभव नहीं था, इसलिए जेसीबी की मदद ली गई। जेसीबी से कुएं की मुंडेर को तोड़ने के बाद, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत से कुएं में उतरे चारों लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से तीन दम तोड़ चुके थे, जबकि नरेंद्र को गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल भेजा गया।

विधायक और पुलिस आयुक्त ने लिया जायजा
घटना की सूचना पाकर बादली से विधायक कुलदीप वत्स तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य पूरा होने तक गांव में ही मौजूद रहे। वहीं, रात करीब 12 बजे पुलिस आयुक्त डा. राजश्री सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पहुंचने से पहले उन्होंने अस्पताल जाकर भी पूरी जानकारी जुटाई थी। फिलहाल, पुलिस टीम ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। एक साथ तीन लोगों की मौत से गांव में गहरा शोक है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button